औरंगाबाद: बटाने नदी पर अधूरा डायवर्सन बना मुसीबत, भारी बारिश के अलर्ट से बढ़ी चिंता
औरंगाबाद जिले के कुटुंबा प्रखंड में दोमुहान स्थित बटाने नदी पुल के पास निर्माणाधीन डायवर्सन का कार्य अब भी अधूरा है। इस बीच मौसम विभाग ने 21 जुलाई यानी आज मंगलवार को जिले में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, जिससे स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

भारी बारिश की चेतावनी और अधूरी तैयारी
बिहार के औरंगाबाद जिले के कुटुंबा प्रखंड में दोमुहान स्थित बटाने नदी के पास निर्माणाधीन डायवर्सन का कार्य अभी भी अधूरा है। मौसम विभाग ने मंगलवार, 21 जुलाई को जिले में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, जिसके बाद स्थानीय निवासियों और प्रशासन की चिंताएं बढ़ गई हैं। यदि समय रहते निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ, तो नदी के जलस्तर में वृद्धि होने से डायवर्सन को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है।
एनएच-139 पर स्थित इस पुल के पास डायवर्सन का काम पूरा न होने से यातायात बाधित होने की आशंका बनी हुई है। इससे न केवल स्थानीय लोगों को बल्कि इस मार्ग से गुजरने वाले हजारों यात्रियों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। बटाने नदी पर बने करीब 225 मीटर लंबे पुल में दरारें मिलने के बाद से ही यहां भारी वाहनों का परिचालन प्रतिबंधित है।
निर्माण में देरी और वर्तमान स्थिति
इस परियोजना की शुरुआत जून के मध्य में लगभग 4.56 करोड़ रुपये की लागत से हुई थी। निर्माण एजेंसी को दो महीने के भीतर काम पूरा करने का लक्ष्य दिया गया था। हालांकि, निविदा प्रक्रिया और प्रशासनिक औपचारिकताओं के कारण काम शुरू होने में देरी हुई। वर्तमान में ह्यूम पाइप बिछाने का अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है, लेकिन मिट्टी भराई और एप्रोच रोड का काम अभी भी जारी है। स्थानीय अनुमानों के अनुसार, परियोजना का लगभग 70 से 80 प्रतिशत कार्य ही पूरा हो पाया है।
स्थानीय लोगों और एनएच-139 फोरलेन संघर्ष समिति ने मांग की है कि निर्माण कार्य को युद्धस्तर पर पूरा किया जाए। निवासियों का कहना है कि यदि लगातार बारिश से बतरे और बटाने नदी में बाढ़ जैसी स्थिति बनती है, तो निर्माणाधीन डायवर्सन के कटाव का खतरा काफी बढ़ जाएगा। उन्होंने प्रशासन से सुरक्षा तटबंध और जल निकासी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की अपील की है।
यातायात व्यवस्था पर असर
दोमुहान पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद से ही जिला प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगा दी है। वर्तमान में 12 चक्का तक के वाहनों को नबीनगर रोड के रास्ते औरंगाबाद जाने की अनुमति दी गई है। वहीं, 18 से 22 चक्का या उससे अधिक भारी वाहनों को छतरपुर से जपला-दंगवार होते हुए बारुण जाने का वैकल्पिक मार्ग दिया गया है। इस बदलाव के कारण वाहन चालकों को लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है, जिससे समय और ईंधन दोनों की खपत बढ़ गई है।
एनएच-139 एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग है जो औरंगाबाद, कुटुंबा और नवीनगर को झारखंड, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों से जोड़ता है। इस मार्ग पर यातायात का भारी दबाव रहता है, इसलिए डायवर्सन का समय पर और सुरक्षित निर्माण होना अत्यंत आवश्यक है। प्रशासन की ओर से अब तक आधिकारिक प्रगति रिपोर्ट जारी नहीं की गई है, जिससे लोगों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!