लखनऊ: लारी कार्डियोलॉजी सेंटर में हर साल 8500 से ज्यादा हार्ट अटैक मरीजों को मिल रहा नया जीवन
लखनऊ के इस सेंटर में रोज 25 हार्ट अटैक के मरीज पहुंचते हैं। यानी औसतन हर घंटे एक मरीज जिंदगी और मौत से जूझता हुआ यहां आता है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

लखनऊ स्थित केजीएमयू के लारी कार्डियोलॉजी सेंटर में हृदय रोगियों के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभरा है। विश्व हृदय दिवस के अवसर पर सेंटर के प्रमुख डॉ. ऋषि सेठी ने जानकारी दी कि यहां हर साल 8500 से अधिक हार्ट अटैक के मरीजों का सफल उपचार किया जाता है। अस्पताल की कार्यप्रणाली और मरीजों की संख्या को देखते हुए यह स्पष्ट है कि समय पर चिकित्सा सहायता मिलने से बड़ी संख्या में लोगों की जान बचाई जा रही है।
प्रतिदिन 25 मरीज पहुंच रहे इमरजेंसी
लारी कार्डियोलॉजी सेंटर की इमरजेंसी सेवाओं में रोजाना 150 से 200 मरीज परामर्श के लिए आते हैं। इनमें से लगभग 25 मरीज हार्ट अटैक की गंभीर स्थिति में होते हैं, जिसका अर्थ है कि औसतन हर घंटे एक मरीज को तत्काल देखभाल की आवश्यकता होती है। डॉ. सेठी के अनुसार, यहां आने वाले करीब 95 प्रतिशत मरीज उचित उपचार के बाद स्वस्थ होकर घर लौटते हैं। गंभीर रूप से बीमार 35 से 40 मरीजों को प्रतिदिन भर्ती किया जाता है।
डॉ. सेठी का कहना है कि हार्ट अटैक के बाद जान बचाने के बाद भी मरीजों को नियमित फॉलोअप की आवश्यकता होती है। यदि मरीज डॉक्टर के परामर्श का पालन करें और समय पर दवाएं लेते रहें, तो वे दशकों तक सामान्य जीवन व्यतीत कर सकते हैं। उन्होंने जोर दिया कि हृदय की सेहत ही व्यक्ति की वास्तविक उम्र निर्धारित करती है।
बदलती जीवनशैली और कम उम्र में ब्लॉकेज
विशेषज्ञों के अनुसार, वर्तमान में युवाओं में हार्ट अटैक के मामले चिंताजनक रूप से बढ़ रहे हैं। तनाव, स्क्रीन पर अधिक समय बिताना और असंतुलित खान-पान इसके मुख्य कारण हैं। पहले कम उम्र के मरीजों में केवल एक या दो धमनियों में ब्लॉकेज मिलता था, लेकिन अब कई धमनियों के प्रभावित होने के मामले सामने आ रहे हैं, जिनमें एंजियोप्लास्टी की आवश्यकता पड़ती है।
विशेष रूप से मधुमेह और उच्च रक्तचाप से पीड़ित मरीजों को हृदय संबंधी जटिलताओं का खतरा अधिक होता है। इसलिए, इन मरीजों को अपनी नियमित जांच और दवाओं को लेकर अधिक सतर्क रहने की सलाह दी गई है। शरीर के अन्य अंगों की तरह हृदय की आयु का ध्यान रखना लंबी उम्र के लिए अनिवार्य है।
हृदय को स्वस्थ रखने के आवश्यक उपाय
डॉ. ऋषि सेठी ने हृदय को स्वस्थ रखने के लिए जीवनशैली में कुछ बुनियादी बदलावों का सुझाव दिया है। उन्होंने नियमित पैदल चलने और हल्की शारीरिक गतिविधि को दिनचर्या में शामिल करने पर जोर दिया है। साथ ही, अचानक बहुत अधिक शारीरिक मेहनत करने से बचने की सलाह दी गई है।
आहार में फल, सब्जियां, दालें और साबुत अनाज को प्राथमिकता दें, जबकि नमक, चीनी और प्रोसेस्ड फूड का सेवन कम करें। इसके अलावा, सात से आठ घंटे की गहरी नींद और तनाव मुक्त रहने का प्रयास हृदय के लिए वरदान साबित हो सकता है। तंबाकू, सिगरेट और बिना चिकित्सकीय सलाह के लिए जाने वाले सप्लीमेंट्स या फैट बर्नर से पूरी तरह दूरी बनाए रखना आवश्यक है।
अंत में, समय-समय पर ब्लड प्रेशर, शुगर और कोलेस्ट्रॉल की जांच कराना किसी भी बड़ी स्वास्थ्य समस्या से बचने का सबसे प्रभावी तरीका है। जागरूकता और सही समय पर इलाज ही हृदय रोगों से बचाव की कुंजी है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!