भोपाल के कटारा हिल्स में तेंदुए की दस्तक: रिहायशी इलाकों में दहशत, पार्क में आवाजाही पर लगी रोक
राजधानी के शहरी इलाके में पहली बार तेंदुए की मौजूदगी से कटारा हिल्स क्षेत्र में दहशत का माहौल है। वार्ड नंबर 55 के लाहरपुर स्थित इकोलॉजिकल पार्क के आसपास जंगल में तेंदुए का मूवमेंट सामने आने के बाद वन विभाग की टीमें दो दिन से 20-25 किमी के दायरे में सर्चिंग कर रही हैं।

मुश्ताक अहमद खान
Editor In Chief

राजधानी के शहरी क्षेत्र में पहली बार तेंदुए की मौजूदगी
भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में तेंदुए की मौजूदगी ने स्थानीय निवासियों की नींद उड़ा दी है। राजधानी के शहरी दायरे में पहली बार किसी तेंदुए के देखे जाने की पुष्टि के बाद से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है। वार्ड नंबर 55 के अंतर्गत आने वाले लाहरपुर इकोलॉजिकल पार्क के आसपास के जंगलों में तेंदुए की हलचल देखी गई है, जिसके बाद वन विभाग ने तत्काल प्रभाव से सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है।
पिछले दो दिनों से वन विभाग की टीमें करीब 20 से 25 किलोमीटर के दायरे में तेंदुए की तलाश कर रही हैं। हालांकि, अब तक वन्यजीव की सटीक लोकेशन का पता नहीं चल सका है। वन विभाग ने एहतियात के तौर पर इलाके में 10 से 12 स्थानों पर ट्रैप कैमरे लगाए हैं ताकि रात के समय उसकी गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।
इकोलॉजिकल पार्क में प्रवेश प्रतिबंधित, निवासियों के लिए अलर्ट
लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रशासन ने लाहरपुर इकोलॉजिकल पार्क में मॉर्निंग और इवनिंग वॉक पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। आसपास के रहवासी इलाकों में मुनादी करवाकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। वन विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि किसी को तेंदुए के होने का आभास हो, तो उसके करीब न जाएं और न ही उसका पीछा करने की कोशिश करें।
स्थानीय सोसायटियों में भी व्हाट्सएप ग्रुप्स के माध्यम से लगातार अपडेट साझा किए जा रहे हैं। अरविंद विहार रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने निवासियों से अपील की है कि वे रात के समय घरों से बाहर निकलने से बचें और पार्क की ओर जाने वाले रास्तों का उपयोग न करें। निवासियों का कहना है कि तेंदुए की खबर के बाद से शाम ढलते ही सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है।
वन विभाग की निगरानी और आगे की रणनीति
समरधा रेंज के रेंजर दीपक श्रीवास्तव के अनुसार, वन विभाग की टीमें लगातार गश्त कर रही हैं और ट्रैप कैमरों से प्राप्त फुटेज का विश्लेषण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि तेंदुए की सटीक लोकेशन मिलते ही रेस्क्यू टीम को सक्रिय कर दिया जाएगा। फिलहाल विभाग का मुख्य उद्देश्य वन्यजीव को सुरक्षित जंगल की ओर खदेड़ना और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भोपाल के आसपास के केरवा, कलियासोत, मेंडोरा और दानिश पहाड़ी जैसे क्षेत्रों में बाघ और तेंदुए जैसे वन्यजीवों का मूवमेंट पहले भी देखा गया है। इन इलाकों में बाघिन और शावकों की मौजूदगी भी दर्ज की जा चुकी है। हालांकि, कटारा हिल्स जैसे घनी आबादी वाले शहरी क्षेत्र में तेंदुए का पहुंचना एक चिंता का विषय बना हुआ है।
वन्यजीव और मानव संघर्ष का खतरा
शहर के बढ़ते विस्तार और जंगलों के करीब हो रहे निर्माण कार्यों के कारण वन्यजीवों का रिहायशी इलाकों की ओर आना एक बड़ी चुनौती बन गया है। वन विभाग के अधिकारी लगातार ग्रामीणों और शहरी निवासियों को वन्यजीवों के प्रति संवेदनशील रहने और सावधानी बरतने की हिदायत दे रहे हैं। आने वाले दिनों में ट्रैप कैमरों से मिलने वाले इनपुट के आधार पर ही विभाग अपनी अगली रणनीति तय करेगा।
फिलहाल, कटारा हिल्स के निवासियों के लिए रात का समय काफी चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीमें स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। लोगों से अपील की गई है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत वन विभाग के हेल्पलाइन नंबरों पर दें।

Editor In Chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!