उदयपुर: पुलिस हिरासत से चकमा देकर भागे दो नाबालिग चोर, पहाड़ियों में तलाश जारी
उदयपुर के बड़गांव थानाक्षेत्र में चोरी के मामले में डिटेन किए गए 2 नाबालिग पुलिस गिरफ्त से फरार हो गए। पुलिस जवानों ने भागते हुए उनका पीछा किया लेकिन नाबालिग पुलिस के हाथ नहीं लगे और पहाड़ी के रास्ते भागने में कामयाब रहे।

मुश्ताक अहमद खान
Editor In Chief

राजस्थान के उदयपुर जिले के बड़गांव थाना क्षेत्र से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां पुलिस की हिरासत में लिए गए दो नाबालिग चोर सुरक्षा घेरा तोड़कर फरार हो गए। घटना के तीन दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस इन दोनों की तलाश में जुटी हुई है, लेकिन अब तक उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। पुलिस का मानना है कि दोनों आरोपी पास की पहाड़ियों में कहीं छिपे हो सकते हैं।
माल बरामदगी के दौरान हुआ हादसा
घटना की शुरुआत तब हुई जब पुलिस टाइगर हिल इलाके में हुई एक चोरी के मामले की जांच कर रही थी। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को हिरासत में लिया था, जिनमें से दो नाबालिग थे। जांच के दौरान पुलिस टीम इन तीनों आरोपियों को चोरी का सामान बरामद करने के लिए टाइगर हिल के पास स्थित पहाड़ी क्षेत्र में ले गई थी। इसी दौरान मौका पाकर दोनों नाबालिगों ने पुलिस जवानों के हाथों से अपने हाथ छुड़ाए और तेजी से पहाड़ी की ओर दौड़ लगा दी।
जवानों ने तुरंत उनका पीछा किया, लेकिन पहाड़ी रास्तों और ऊबड़-खाबड़ जमीन का फायदा उठाते हुए दोनों नाबालिग पुलिस की पकड़ से दूर निकल गए। इस घटना के बाद से स्थानीय पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है और आरोपियों को पकड़ने के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है।
बंदूक चोरी का है मामला
बड़गांव थानाधिकारी हितेश यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि यह पूरा मामला टाइगर हिल क्षेत्र में स्थित एक मकान में हुई चोरी से जुड़ा है। कुछ दिन पहले बदमाशों ने उस मकान को निशाना बनाया था, जहां से 12 बोर की बंदूक और एक एयर गन सहित अन्य कीमती सामान चोरी कर लिया गया था। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए इस मामले में तीन संदिग्धों को पकड़ा था, जिनमें से दो नाबालिग थे। पुलिस का उद्देश्य आरोपियों की निशानदेही पर चोरी किया गया सामान बरामद करना था, लेकिन इस प्रक्रिया के दौरान ही वे भागने में सफल रहे।
थानाधिकारी ने स्पष्ट किया कि पुलिस इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रही है। फरार आरोपियों की तलाश के लिए तकनीकी साधनों का सहारा लिया जा रहा है। इलाके में ड्रोन कैमरों की मदद ली जा रही है ताकि दुर्गम पहाड़ी रास्तों पर नजर रखी जा सके। इसके अलावा, आसपास के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं ताकि उनके भागने की दिशा और वर्तमान ठिकाने का पता लगाया जा सके।
पहाड़ियों में छिपे होने की आशंका
पुलिस को अंदेशा है कि दोनों नाबालिग अभी भी उसी पहाड़ी क्षेत्र के आसपास ही कहीं छिपे हुए हैं। पुलिस की टीमें लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। हालांकि, पहाड़ी इलाका होने के कारण तलाशी अभियान में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
इस घटना ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। हिरासत के दौरान आरोपियों का इस तरह से फरार हो जाना सुरक्षा में चूक की ओर इशारा करता है। फिलहाल, पुलिस का पूरा ध्यान फरार नाबालिगों को जल्द से जल्द पकड़ने पर केंद्रित है ताकि चोरी हुए हथियारों और अन्य सामान की बरामदगी की जा सके।
पुलिस ने स्थानीय लोगों से भी अपील की है कि यदि उन्हें संदिग्ध अवस्था में कोई दिखाई दे, तो तुरंत इसकी सूचना नजदीकी पुलिस स्टेशन को दें। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस विभाग ने अपनी सतर्कता बढ़ा दी है और जल्द ही आरोपियों को हिरासत में लेने का दावा किया है।

Editor In Chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!