श्योपुर पुलिस की बड़ी कामयाबी: 40 गुम मोबाइलों को ढूंढकर मालिकों को लौटाया, कीमत 6 लाख रुपये
Sheopur police recovered lost mobile phones worth lakhs. श्योपुर पुलिस की साइबर सेल ने गुम हुए मोबाइल फोन खोजने के अभियान में बड़ी सफलता हासिल की है। सोमवार को पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिस अधीक्षक मोती उर रहमान ने ये मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों को सौंपे।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

साइबर सेल के अभियान को मिली सफलता
मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में पुलिस की साइबर सेल ने एक सराहनीय कार्य करते हुए गुम हुए 40 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन मोबाइल फोन की कुल अनुमानित कीमत लगभग 6 लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस अधीक्षक मोती उर रहमान ने सोमवार को पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इन मोबाइलों को उनके असली मालिकों को सौंपा।
जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों से नागरिकों ने अपने मोबाइल फोन खोने की शिकायतें दर्ज कराई थीं। लंबे समय से इन शिकायतों पर काम करते हुए साइबर सेल ने तकनीकी सहायता और आधुनिक संसाधनों का उपयोग किया। पुलिस की इस कार्रवाई से उन लोगों को बड़ी राहत मिली है जिन्होंने अपने कीमती फोन खो दिए थे।
तकनीकी दक्षता और सीईआईआर पोर्टल का उपयोग
इस पूरे ऑपरेशन का नेतृत्व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रवीण कुमार भूरिया और डीएसपी मुख्यालय पी.एन. गोयल के मार्गदर्शन में किया गया। साइबर सेल की टीम ने सीईआईआर (CEIR) पोर्टल का प्रभावी ढंग से उपयोग किया, जिससे खोए हुए उपकरणों को ट्रैक करना आसान हो गया। इसके अलावा, अन्य जिलों और राज्यों की पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर इन मोबाइलों को अलग-अलग स्थानों से बरामद किया गया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अनिल मीणा, गोपाल बैरवा, शिवा मीणा, कृष्णा, कपिल बलोठिया, रामपाल मैरोठा और लेखराज बैरवा सहित कुल 40 आवेदकों को उनके मोबाइल वापस मिले। अपने खोए हुए फोन को वापस पाकर आवेदकों के चेहरे पर खुशी साफ देखी जा सकती थी। उन्होंने श्योपुर पुलिस और साइबर सेल की टीम के प्रति आभार व्यक्त किया।
नागरिकों के लिए पुलिस की सलाह
पुलिस अधीक्षक मोती उर रहमान ने नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी का मोबाइल गुम हो जाता है, तो वे बिना देरी किए सीईआईआर पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं। इसके साथ ही, नजदीकी पुलिस थाने में भी सूचना देना आवश्यक है। समय पर सूचना मिलने से पुलिस को मोबाइल ट्रेस करने में काफी मदद मिलती है और रिकवरी की संभावना बढ़ जाती है।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि साइबर सेल के पास अभी भी कई अन्य आवेदन लंबित हैं, जिन पर लगातार काम चल रहा है। पुलिस का प्रयास है कि जल्द से जल्द अन्य नागरिकों के खोए हुए फोन भी बरामद किए जाएं। इस सफल अभियान में आरक्षक राजबल्लभ, योगेश शर्मा, धर्मेंद्र गुर्जर और महिला आरक्षक प्रियल पाठक की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है।
भविष्य की रणनीति और सतर्कता
श्योपुर पुलिस का यह अभियान न केवल खोए हुए सामान को वापस दिलाने तक सीमित है, बल्कि यह साइबर अपराधों के प्रति पुलिस की सतर्कता को भी दर्शाता है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि तकनीक के बढ़ते उपयोग के साथ अपराध के तरीके भी बदल रहे हैं, ऐसे में साइबर सेल को और अधिक मजबूत किया जा रहा है ताकि आम जनता को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो।
आने वाले समय में भी पुलिस इसी तरह के अभियान चलाती रहेगी ताकि नागरिकों का भरोसा कानून व्यवस्था पर बना रहे। पुलिस ने लोगों से यह भी आग्रह किया है कि वे अपने मोबाइल फोन की सुरक्षा को लेकर जागरूक रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि या चोरी की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
