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जोधपुर: सिजेरियन डिलीवरी के बाद 8 प्रसूताओं की बिगड़ी तबीयत, तीन की किडनी में गंभीर संक्रमण

Jodhpur Mahatma Gandhi Hospital cesarean delivery health complications medical negligence investigation. जोधपुर का मेडिकल प्रशासन लगातार सिजेरियन डिलीवरी के बाद बिगड़ रही प्रसूताओं की तबीयत को लेकर पर्दा डाल रहा है। अब बताया जा रहा है कि तीन प्रसूताओं की किडनी में इन्फेक्शन हुआ है।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

18 जुलाई 20262 मिनट पढ़ें 1K
जोधपुर: सिजेरियन डिलीवरी के बाद 8 प्रसूताओं की बिगड़ी तबीयत, तीन की किडनी में गंभीर संक्रमण
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जोधपुर के अस्पतालों में प्रसूताओं की स्थिति चिंताजनक

जोधपुर के सरकारी अस्पतालों में सिजेरियन डिलीवरी के बाद प्रसूताओं की बिगड़ती सेहत का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। मेडिकल प्रशासन द्वारा दी गई ताज़ा जानकारी के अनुसार, अब कुल 8 प्रसूताओं का इलाज चल रहा है, जिनमें से तीन महिलाओं की किडनी में गंभीर संक्रमण (इन्फेक्शन) की पुष्टि हुई है। इन मरीजों को महात्मा गांधी अस्पताल और उम्मेद अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

महात्मा गांधी अस्पताल में भर्ती तीन प्रसूताओं की हालत सबसे अधिक चिंताजनक बताई जा रही है। इनमें से एक महिला पिछले 24 दिनों से वेंटिलेटर पर है और उसका डायलिसिस भी किया जा रहा है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, इस महिला के गर्भाशय और पेशाब की थैली में गंभीर चोट आई थी। वहीं, एक अन्य महिला को गलत ब्लड ग्रुप (O पॉजिटिव की जगह B पॉजिटिव) चढ़ाए जाने के कारण उसकी तबीयत बिगड़ी, जिसके बाद उसे महात्मा गांधी अस्पताल रेफर करना पड़ा।

उम्मेद अस्पताल में भर्ती मरीजों की स्थिति

उम्मेद अस्पताल में वर्तमान में पांच प्रसूताओं का उपचार चल रहा है। इनमें से सरोज नामक प्रसूता कार्डियक समस्या के कारण वेंटिलेटर पर है। वहीं, रेखा नामक महिला को ब्लीडिंग और हेल्प सिंड्रोम के कारण ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया है। इसके अलावा पूजा, रोशनी और बज्जू नामक अन्य प्रसूताएं भी आईसीयू में भर्ती हैं, जिन्हें बीपी की समस्या, अत्यधिक रक्तस्राव और प्लेटलेट्स की कमी जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. बीएस जोधा ने स्थिति पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि महात्मा गांधी अस्पताल में भर्ती तीन महिलाओं को किडनी संक्रमण है, जबकि उम्मेद अस्पताल में भर्ती अन्य प्रसूताओं में मुख्य रूप से उच्च रक्तचाप (बीपी) और दौरे पड़ने जैसी शिकायतें देखी गई हैं। उन्होंने दावा किया कि अधिकांश मरीज अन्य निजी अस्पतालों से गंभीर स्थिति में रेफर होकर आए थे।

प्रशासनिक स्तर पर जांच और निरीक्षण

मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन हरकत में आ गया है। एडीएम जवाहर चौधरी और एसडीएम (दक्षिण) पंकज जैन ने महात्मा गांधी अस्पताल का दौरा कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इसके साथ ही संभागीय आयुक्त केएल स्वामी ने उम्मेद अस्पताल पहुंचकर वहां चल रहे इलाज और चिकित्सा सुविधाओं की समीक्षा की। प्रशासन यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहा है कि मरीजों को बेहतर उपचार मिले।

फिलहाल, इन सभी प्रसूताओं की स्थिति पर डॉक्टरों की टीम लगातार नजर बनाए हुए है। अस्पताल प्रशासन की ओर से कहा गया है कि मरीजों की रिकवरी के आधार पर ही आगे का उपचार तय किया जाएगा। इस घटना ने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और सिजेरियन डिलीवरी के बाद की देखभाल को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसकी जांच अभी जारी है।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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