बिहार: नबीनगर रेलवे स्टेशन पर अवैध हथियारों के साथ दो गिरफ्तार, शातिर अपराधी पर पहले से दर्ज हैं सात मामले
औरंगाबाद जिले में नबीनगर रेलवे स्टेशन पर आपराधिक गतिविधियों की निगरानी और चेकिंग के दौरान रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने दो युवकों को देशी कट्टा और दो जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है। दोनों के पास से एक देशी कट्टा और 8 एमएमकेएफ अंकित दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए।

मुश्ताक अहमद खान
Editor In Chief

नबीनगर रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ की बड़ी कार्रवाई
बिहार के औरंगाबाद जिले में स्थित नबीनगर रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए दो युवकों को अवैध हथियारों के साथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई स्टेशन परिसर में संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी और नियमित चेकिंग के दौरान अंजाम दी गई। पकड़े गए आरोपियों के पास से एक देशी कट्टा और दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं।
शनिवार को आरपीएफ पोस्ट नबीनगर की टीम स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या 2/3 पर गश्त कर रही थी। इसी दौरान दो युवक संदिग्ध अवस्था में दिखाई दिए, जिनके पास पिट्ठू बैग मौजूद थे। सुरक्षा बलों ने जब उनसे पूछताछ की, तो उनके जवाबों में विरोधाभास पाया गया। बैग की तलाशी लेने पर उसमें एक भगवा रंग के गमछे में लिपटा हुआ देशी कट्टा और काले प्लास्टिक में रखे दो जिंदा कारतूस बरामद हुए।
झारखंड से जुड़े हैं तार, मोटरसाइकिल चोरी का है नेटवर्क
गिरफ्तार किए गए युवकों की पहचान झारखंड के गढ़वा जिले के निवासी विशाल कुमार (25) और मनीष कुमार यादव (20) के रूप में हुई है। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। उन्होंने स्वीकार किया कि वे झारखंड और आसपास के राज्यों में मोटरसाइकिल चोरी की वारदातों को अंजाम देते हैं। उनका कहना था कि चोरी के दौरान खुद को बचाने या पुलिस से बचने के लिए वे इन हथियारों को साथ रखते थे।
आरपीएफ निरीक्षक राम विलास राम के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई में उप निरीक्षक जय प्रकाश प्रसाद, सहायक उप निरीक्षक शिव शंकर सिंह यादव और आरक्षी संतोष कुमार मिश्रा व शैलेश कुमार शर्मा शामिल थे। टीम ने बरामद हथियारों की विधिवत जब्ती सूची तैयार की और आरोपियों को हिरासत में ले लिया।
आरोपी का पुराना आपराधिक इतिहास
जांच में यह बात सामने आई है कि गिरफ्तार विशाल कुमार एक आदतन अपराधी है। उसके खिलाफ पहले से ही चोरी और चोरी के सामान से संबंधित सात मामले दर्ज हैं। वह पूर्व में भी जेल की हवा खा चुका है। आरपीएफ के अनुसार, वर्ष 2022 से लेकर 2025 तक उसके खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामले दर्ज रहे हैं। उसके इस लंबे आपराधिक रिकॉर्ड ने पुलिस की चिंता बढ़ा दी है।
फिलहाल, आरपीएफ ने सभी बरामदगी और आरोपियों को अग्रिम कानूनी कार्रवाई के लिए राजकीय रेल थाना (जीआरपी) सोननगर को सौंप दिया है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ये हथियार उन्हें कहां से मिले और इस गिरोह में और कितने लोग शामिल हैं। आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है ताकि मोटरसाइकिल चोरी के अंतरराज्यीय नेटवर्क का भंडाफोड़ किया जा सके।
आगे की कानूनी प्रक्रिया
आरपीएफ की ओर से दर्ज कराई गई लिखित शिकायत के आधार पर सोननगर जीआरपी ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब इन दोनों युवकों के मोबाइल कॉल रिकॉर्ड और अन्य संपर्कों की जांच कर रही है ताकि हथियारों की आपूर्ति करने वाले सप्लायर तक पहुंचा जा सके। इस गिरफ्तारी को क्षेत्र में अपराध पर लगाम लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

Editor In Chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!