फरीदाबाद: पति को बचाने गई महिला की सेप्टिक टैंक की गैस से मौत, 6 दिन तक अस्पताल में चली जंग
फरीदाबाद के सेक्टर-8 के पास स्थित अनियमित कॉलोनी में सेप्टिक टैंक से निकली जहरीली गैस की चपेट में आने से 32 वर्षीय महिला की मौत हो गई। अन्नू ने पति को बचाने के लिए बाथरूम में प्रवेश किया था, लेकिन कुछ ही देर में वह खुद भी गैस की चपेट में आ गई।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

पति को बचाने के प्रयास में गई जान
फरीदाबाद के सेक्टर-8 के पास स्थित एक कॉलोनी में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। सेप्टिक टैंक से निकली जहरीली गैस की चपेट में आने से 32 वर्षीय महिला अन्नू की मौत हो गई। महिला ने अपने पति को बेहोशी की हालत में बचाने के लिए बाथरूम में प्रवेश किया था, लेकिन गैस के प्रभाव के कारण वह खुद भी इसकी शिकार हो गई। छह दिनों तक अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करने के बाद शुक्रवार रात उसने दम तोड़ दिया।
घटना की शुरुआत 20 सितंबर को हुई, जब अन्नू के पति सचिन नहाने के लिए बाथरूम में गए थे। बाथरूम के एक कोने में सेप्टिक टैंक का मैनहोल बना हुआ था। जैसे ही सचिन ने मैनहोल खोला, वहां से निकली जहरीली गैस के कारण वह तुरंत बेहोश होकर गिर पड़े। इस दौरान वहां मौजूद दुर्गंध ने स्थिति को और गंभीर बना दिया।
अस्पताल में छह दिनों तक चला इलाज
पति के गिरने की आवाज सुनकर अन्नू तुरंत बाथरूम की ओर दौड़ी। वहां अपने पति को अचेत अवस्था में देखकर वह घबरा गई और उन्हें होश में लाने व अस्पताल ले जाने की तैयारी करने लगी। इसी आपाधापी में वह भी जहरीली गैस की चपेट में आ गई और कुछ ही पलों में बेहोश होकर वहीं गिर पड़ी। परिवार के अन्य सदस्यों और पड़ोसियों ने आनन-फानन में दोनों को नजदीकी निजी अस्पताल में भर्ती कराया।
अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में दोनों का इलाज शुरू किया गया। सचिन की स्थिति धीरे-धीरे स्थिर होने लगी और वह खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं, लेकिन अन्नू की हालत लगातार नाजुक बनी रही। छह दिनों के गहन उपचार के बावजूद शुक्रवार रात को उनकी मृत्यु हो गई।
परिवार में पसरा मातम
अन्नू का विवाह वर्ष 2021 में सचिन के साथ हुआ था। इस दंपत्ति का एक ढाई साल का बेटा भी है। इस घटना ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है। अन्नू की असामयिक मृत्यु के बाद अब परिवार के सामने छोटे बच्चे के पालन-पोषण की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। सचिन एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं और इस हादसे ने उनके हंसते-खेलते परिवार को गहरे दुख में डाल दिया है।
पुलिस ने मामले की सूचना मिलते ही कार्रवाई शुरू कर दी थी। शव का पोस्टमॉर्टम कराने के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में मौत का कारण सेप्टिक टैंक से निकली जहरीली गैस ही माना जा रहा है। पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि मैनहोल में गैस का रिसाव किस कारण से हुआ।
यह घटना आवासीय परिसरों में बने सेप्टिक टैंकों के रखरखाव और सुरक्षा मानकों को लेकर एक गंभीर चेतावनी है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे टैंकों को समय-समय पर साफ करना और उन्हें पूरी तरह सील रखना अनिवार्य है ताकि इस तरह की जहरीली गैसों का रिसाव न हो सके। स्थानीय प्रशासन भी अब इस क्षेत्र में सुरक्षा संबंधी जागरूकता बढ़ाने पर विचार कर रहा है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!