यमुना एक्सप्रेसवे बस हादसा: जान जोखिम में डालकर हासिर खान ने बचाई 14 यात्रियों की जिंदगी
नोएडा के यमुना एक्सप्रेसवे पर बुधवार देर रात दिल्ली से महोबा जा रही स्लीपर बस आग का गोला बन गई। हादसे में 9 यात्रियों की मौत हो गई, जबकि कई घायल हुए।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

यमुना एक्सप्रेसवे पर भीषण अग्निकांड
नोएडा के यमुना एक्सप्रेसवे पर बुधवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। दिल्ली से महोबा की ओर जा रही एक स्लीपर बस अचानक आग का गोला बन गई। इस भयावह घटना में 9 यात्रियों की जान चली गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। आग इतनी भीषण थी कि बस के परखच्चे उड़ गए और यात्रियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
हादसे के समय बस में सवार जालौन निवासी हासिर खान ने अदम्य साहस का परिचय दिया। अपनी जान की परवाह किए बिना, उन्होंने आग की लपटों के बीच फंसे यात्रियों को बाहर निकालने का बीड़ा उठाया। हासिर की तत्परता और बहादुरी के कारण 14 यात्रियों की जान बचाई जा सकी, जो अन्यथा इस भीषण हादसे का शिकार हो सकते थे।
मौत के मंजर से रूबरू हुए यात्री
हादसे के बाद हासिर खान ने उस खौफनाक मंजर को याद करते हुए बताया कि आग इतनी तेजी से फैली कि पूरी बस कुछ ही पलों में जलकर राख हो गई। उन्होंने कहा कि जलती हुई बस का वह दृश्य उनके जहन से कभी नहीं मिट सकता। चारों तरफ चीख-पुकार मची थी और लोग अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष कर रहे थे।
हासिर ने बताया कि जैसे ही उन्हें आग का एहसास हुआ, उन्होंने तुरंत खिड़कियों और दरवाजों के जरिए यात्रियों को बाहर खींचना शुरू किया। उनका कहना है कि उस वक्त दिमाग में सिर्फ लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का ही एकमात्र लक्ष्य था। हालांकि, वे कई लोगों को नहीं बचा सके, जिसका मलाल उन्हें आज भी है।
प्रशासनिक कार्रवाई और जांच
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर पहुंच गई थीं। आग पर काबू पाने के बाद बचाव कार्य शुरू किया गया और घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। प्रशासन अब इस बात की जांच कर रहा है कि बस में आग लगने के पीछे के वास्तविक कारण क्या थे।
प्राथमिक जांच में तकनीकी खराबी या शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है। फॉरेंसिक टीम घटनास्थल से साक्ष्य जुटा रही है ताकि हादसे की सही वजह का पता चल सके। बस ऑपरेटरों की लापरवाही की भी जांच की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
घायलों का उपचार और राहत कार्य
अस्पताल में भर्ती घायलों की स्थिति पर डॉक्टरों की टीम लगातार नजर बनाए हुए है। गंभीर रूप से झुलसे यात्रियों का इलाज चल रहा है। राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन ने पीड़ितों के परिवारों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। इस दुखद घटना ने एक बार फिर एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा मानकों और बस यात्रा की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
हासिर खान जैसे लोगों की बहादुरी ने इस त्रासदी के बीच मानवता की मिसाल पेश की है। उनके इस साहसी कदम की हर तरफ सराहना हो रही है। फिलहाल, पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और मृतकों की पहचान सुनिश्चित करने की प्रक्रिया जारी है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!