ग्वालियर: मुरार जिला अस्पताल में 6 दिन से बंद है ऑपरेशन थिएटर का एसी, मरीजों की बढ़ी मुश्किलें

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

अत्याधुनिक सुविधाओं के दावों के बीच बदहाल व्यवस्था
ग्वालियर के मुरार स्थित जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए गए हैं, लेकिन वर्तमान स्थिति इन दावों की पोल खोलती नजर आ रही है। अस्पताल के दूसरे तल पर करीब पांच महीने पहले ही अत्याधुनिक मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर (ओटी) का शुभारंभ किया गया था। हालांकि, तकनीकी खामियों के चलते अब यह सुविधा मरीजों और डॉक्टरों के लिए परेशानी का सबब बन गई है।
पिछले छह दिनों से ऑपरेशन थिएटर का एयर कंडीशनिंग (एसी) सिस्टम पूरी तरह से बंद पड़ा है। भीषण उमस और गर्मी के बीच डॉक्टरों को पसीने से तरबतर होकर सर्जरी करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि ओटी में तापमान नियंत्रित न होने से मरीजों में संक्रमण का खतरा भी काफी बढ़ गया है, जो कि एक गंभीर चिंता का विषय है।
मोटर जलने से ठप हुआ ऑपरेशन का काम
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, ओटी में लगे बड़े एसी यूनिट के आउटडोर की मोटर जल जाने के कारण पूरा कूलिंग सिस्टम ठप हो गया है। छह दिन बीत जाने के बाद भी इस खराबी को ठीक नहीं किया जा सका है। इस तकनीकी समस्या का सबसे बुरा असर आर्थोपेडिक विभाग की सर्जरी पर पड़ा है, जिसके कारण दैनिक आधार पर होने वाली ऑपरेशनों की संख्या में भारी गिरावट दर्ज की गई है।
एसी बंद होने के कारण डॉक्टरों ने कई मरीजों के ऑपरेशन की तारीखें आगे बढ़ा दी हैं। अस्पताल में भर्ती मरीज और उनके परिजन दर्द के बावजूद अपनी बारी का इंतजार करने को विवश हैं। परिजनों का कहना है कि अस्पताल में भर्ती होने के बाद भी समय पर इलाज न मिलना उनकी पीड़ा को और अधिक बढ़ा रहा है।
जिम्मेदारों की चुप्पी और निर्माण एजेंसी की भूमिका
इस अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर का निर्माण मध्य प्रदेश हाउसिंग बोर्ड द्वारा कराया गया था। निर्माण के कुछ ही महीनों के भीतर सिस्टम में आई इस बड़ी खराबी ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अस्पताल के रखरखाव और तकनीकी देखरेख के लिए जिम्मेदार तंत्र फिलहाल इस स्थिति को सुधारने में नाकाम साबित हो रहा है।
जब इस मामले में सिविल सर्जन डॉ. सीमा जायसवाल से संपर्क किया गया, तो उन्होंने इस बारे में अनभिज्ञता जाहिर की। इसके बाद उन्होंने रविवार की छुट्टी का हवाला देते हुए फोन काट दिया। प्रशासनिक स्तर पर इस मामले में कोई ठोस जवाब न मिलने से मरीजों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
फिलहाल, अस्पताल प्रशासन की ओर से एसी को दुरुस्त करने के लिए कोई स्पष्ट समय सीमा नहीं दी गई है। मरीजों को उम्मीद है कि जल्द ही तकनीकी खराबी दूर होगी ताकि वे बिना किसी अतिरिक्त जोखिम के अपना उपचार करा सकें। तब तक, जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं का संचालन सीमित संसाधनों के साथ ही जारी रहेगा।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
