उज्जैन एसपी प्रदीप शर्मा ने निभाया नन्हे प्रशंसक से किया वादा, घर पहुंचकर छात्र को किया सरप्राइज
उज्जैन में पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने एक बच्चे से मिलने का अपना वादा पूरा किया। एसपी शर्मा खुद सेंटमेरी स्कूल के दूसरी कक्षा के छात्र सहस्रजीत तिवारी के घर पहुंचे।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

उज्जैन में पुलिस की कार्यशैली का एक बेहद मानवीय और भावुक चेहरा देखने को मिला है। जिले के पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने एक नन्हे छात्र से किया अपना वादा पूरा करते हुए उसके घर पहुंचकर सभी को हैरान कर दिया। यह मुलाकात न केवल एक बच्चे के सपने को सच करने वाली थी, बल्कि यह पुलिस और जनता के बीच के मधुर संबंधों की एक अनूठी मिसाल भी बनी।
सोशल मीडिया वीडियो से शुरू हुई कहानी
इस पूरी घटना की शुरुआत आठ महीने पहले हुई थी। कानीपुरा निवासी सहस्रजीत तिवारी, जो सेंट मेरी स्कूल में दूसरी कक्षा का छात्र है, ने सोशल मीडिया पर एसपी प्रदीप शर्मा का एक वीडियो देखा था। उस वीडियो में एसपी एक गुमशुदा बच्चे को बेहद आत्मीयता के साथ संभालते और उसे चॉकलेट खिलाते हुए नजर आए थे। पुलिस अधिकारी का यह संवेदनशील रूप देखकर नन्हे सहस्रजीत के मन में उनके प्रति गहरा सम्मान और उनसे मिलने की तीव्र इच्छा जागृत हो गई।
बच्चे की इस इच्छा को देखते हुए उसके पिता मनमोहन तिवारी ने उसे एक भरोसा दिलाया था। पिता ने सहस्रजीत से वादा किया था कि यदि वह कोई सराहनीय कार्य करेगा या समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाएगा, तो वे उसे एसपी प्रदीप शर्मा से जरूर मिलवाएंगे। पिता का यह वादा सहस्रजीत के लिए एक लक्ष्य बन गया।
जागरूकता अभियान और बच्चे की पहल
सहस्रजीत ने अपने पिता के वादे को पूरा करने के लिए एक रचनात्मक रास्ता चुना। उसने उज्जैन पुलिस द्वारा चलाए जा रहे 'नशे से दूरी है ज़रूरी' जनजागरूकता अभियान के पोस्टरों को देखा और उनसे प्रेरित होकर एक वीडियो तैयार किया। इस वीडियो के माध्यम से उसने नशा मुक्ति का संदेश दिया। यह वीडियो किसी तरह एसपी प्रदीप शर्मा तक पहुंचा, जिसे देखकर वे बच्चे की जागरूकता और उसकी सोच से काफी प्रभावित हुए।
बच्चे की मेहनत और उसकी सादगी ने एसपी का दिल जीत लिया। उन्होंने तय किया कि वे बच्चे को अपने कार्यालय बुलाने के बजाय खुद उसके घर जाएंगे। इस निर्णय ने न केवल बच्चे के लिए एक यादगार पल बना दिया, बल्कि उसके परिवार के लिए भी यह एक सुखद आश्चर्य था।
घर पर हुई मुलाकात और पिता का वादा
निर्धारित समय पर जब एसपी प्रदीप शर्मा सहस्रजीत के घर पहुंचे, तो दरवाजा खुलते ही सामने पुलिस अधीक्षक को देखकर बच्चा कुछ पलों के लिए अवाक रह गया। उसे विश्वास ही नहीं हुआ कि जिस अधिकारी को वह टीवी और सोशल मीडिया पर देखता था, वे आज उसके घर पर खड़े हैं। इस मुलाकात के साथ ही सहस्रजीत के पिता का वह वादा भी पूरा हो गया, जो उन्होंने आठ महीने पहले अपने बेटे से किया था।
इस घटना ने यह साबित कर दिया है कि पुलिस का काम केवल कानून व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं, बल्कि समाज के साथ भावनात्मक रूप से जुड़ना भी है। एसपी प्रदीप शर्मा की इस सादगी और संवेदनशीलता की स्थानीय स्तर पर खूब सराहना की जा रही है। बच्चे के चेहरे पर आई खुशी इस बात का प्रमाण थी कि एक छोटे से प्रयास से किसी के जीवन में कितनी बड़ी खुशियां लाई जा सकती हैं।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
