आगरा में 'यूपी राइज 2026' का आगाज: युवाओं को उद्यमी बनाने की दिशा में बड़ी पहल
योगी सरकार के आत्मनिर्भर यूपी विजन को साकार करने के लिए मंगलवार को डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के जेपी सभागार में यूपी राइज 2026 का आयोजन हुआ। कार्यक्रम का मकसद युवाओं को नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बनाना है।

मुश्ताक अहमद खान
Editor In Chief

युवाओं को नौकरी प्रदाता बनाने का संकल्प
उत्तर प्रदेश सरकार के 'आत्मनिर्भर यूपी' विजन को धरातल पर उतारने के उद्देश्य से आगरा के डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के जेपी सभागार में 'यूपी राइज 2026' कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य ध्येय राज्य के युवाओं की सोच में बदलाव लाना है, ताकि वे केवल नौकरी की तलाश करने के बजाय स्वयं रोजगार के अवसर पैदा करने वाले 'जॉब क्रिएटर' बन सकें।
कार्यक्रम का उद्घाटन विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. आशु रानी और सूचना विभाग के उप निदेशक आत्रेय मिश्रा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इस दौरान बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया और स्टार्टअप की दुनिया में कदम रखने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन प्राप्त किया।
सरकारी योजनाओं की मिली जानकारी
आयोजन के दौरान विशेषज्ञों ने छात्रों को सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी और स्टार्टअप-केंद्रित योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इसमें मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना, यूपी स्टार्टअप फंड और स्किल मिशन जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं पर चर्चा की गई। छात्रों को बताया गया कि कैसे वे बिना किसी आर्थिक बाधा के अपने नवाचारी विचारों को एक सफल व्यावसायिक मॉडल में परिवर्तित कर सकते हैं।
इसके अलावा, अभ्युदय कोचिंग, कन्या सुमंगला और फ्री टैबलेट योजना जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को मिलने वाले लाभों को भी रेखांकित किया गया। इस सत्र का उद्देश्य छात्रों को यह विश्वास दिलाना था कि सरकार उनके नवाचारों को समर्थन देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
नवाचारों का प्रदर्शन और विजेताओं का चयन
कार्यक्रम में लगभग 1000 छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान कुल 30 स्टार्टअप आइडियाज प्रस्तुत किए गए, जिनमें से 11 को शॉर्टलिस्ट किया गया। प्रतियोगिता में इस्तेमाल किए गए कुकिंग ऑयल के डिजिटल मार्केटप्लेस 'री-ऑयल' ने प्रथम स्थान प्राप्त किया और 25 हजार रुपये का पुरस्कार जीता। वहीं, स्टडी एप और सोलर पैनल की सफाई करने वाले 'सोलर स्वीप' को रनरअप घोषित किया गया।
प्रस्तुत किए गए अन्य नवाचारी आइडियाज में 'Kalaverse', 'Build Easy AI', 'Hidden India', 'Saathi EV' और 'Temple 2 Green' शामिल रहे, जिन्होंने उपस्थित लोगों और विशेषज्ञों का ध्यान आकर्षित किया। ये सभी आइडियाज सामाजिक और आर्थिक समस्याओं के समाधान पर आधारित थे।
भविष्य की राह और आगामी कार्यक्रम
कुलपति प्रो. आशु रानी ने छात्रों की प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि युवाओं में असीम क्षमता है और ऐसे मंच उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में मील का पत्थर साबित होंगे। कार्यक्रम में हर्षित देसाई, कपिल त्रिमाल और विवेक गोयल ने मेंटर के रूप में छात्रों का मार्गदर्शन किया।
यह पहल केवल आगरा तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे प्रदेश के 25 शहरों के 30 कॉलेजों में आयोजित किया जाएगा। इस श्रृंखला का अगला पड़ाव 18 सितंबर को मथुरा के जीएलए विश्वविद्यालय में निर्धारित है, जहाँ एक बार फिर युवाओं को अपने स्टार्टअप आइडियाज प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।

Editor In Chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!