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डीडीयू के इतिहास विभाग का बढ़ा मान: बिहार और अन्य राज्यों में असिस्टेंट प्रोफेसर बने शोधार्थी

DDU Gorakhpur history scholars achieve success in Bihar assistant professor recruitment exam. बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग (BSUSC) की सहायक आचार्य भर्ती परीक्षा में दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग के 4 शोधार्थियों ने बेहतरीन सफलता हासिल की है। 1 अगस्त की शाम जारी परिणाम में शोधार्थी डॉ. प्रतिभा गुप्ता, डॉ. शालिनी गुप्ता, डॉ. अमित कुमार गोंड और मुकेश कुशवाहा का चयन असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर हुआ है।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

3 अगस्त 20262 मिनट पढ़ें 1.2K
डीडीयू के इतिहास विभाग का बढ़ा मान: बिहार और अन्य राज्यों में असिस्टेंट प्रोफेसर बने शोधार्थी
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दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग ने एक बार फिर शैक्षणिक क्षेत्र में अपनी उत्कृष्टता सिद्ध की है। विश्वविद्यालय के चार शोधार्थियों ने बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग (BSUSC) द्वारा आयोजित असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा में सफलता प्राप्त कर संस्थान का नाम रोशन किया है। यह उपलब्धि न केवल छात्रों के कठिन परिश्रम का परिणाम है, बल्कि विभाग के शैक्षणिक वातावरण की गुणवत्ता को भी दर्शाती है।

बिहार भर्ती परीक्षा में चार शोधार्थियों का चयन

आयोग द्वारा 1 अगस्त की शाम को जारी किए गए परिणामों के अनुसार, इतिहास विभाग के चार शोधार्थियों का चयन असिस्टेंट प्रोफेसर के प्रतिष्ठित पद के लिए हुआ है। सफल होने वाले अभ्यर्थियों में डॉ. प्रतिभा गुप्ता, डॉ. शालिनी गुप्ता, डॉ. अमित कुमार गोंड और मुकेश कुशवाहा शामिल हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने रविवार शाम को इन परिणामों की आधिकारिक पुष्टि की है।

इसके अतिरिक्त, हाल ही में घोषित उत्तर प्रदेश टीजीटी परीक्षा के परिणामों में भी विभाग के छात्रों ने अपनी धाक जमाई है। इस परीक्षा में विमलेश कुमार यादव और कुमारी निधि सिंह का चयन हुआ है, जिससे विभाग के शिक्षकों और छात्रों में हर्ष का माहौल है।

विभिन्न राज्यों में मिली नियुक्तियां

इतिहास विभाग के शोधार्थियों की सफलता का दायरा केवल बिहार और उत्तर प्रदेश तक ही सीमित नहीं है। यूपीएससी (UPSC) के माध्यम से डॉ. पंकज कुमार सिंह का चयन अंडमान-निकोबार में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर हुआ है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि विभाग के छात्र राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं।

अन्य सफल शोधार्थियों में डॉ. अस्मित शर्मा का नाम प्रमुख है, जिनका चयन दिल्ली विश्वविद्यालय के शिवाजी कॉलेज में हुआ है। वहीं, डॉ. पंकज कुमार शुक्ल ने एमएसयू बड़ौदा में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में अपनी जगह बनाई है। विभाग के छात्रों का देश के विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों में चयन होना एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

शिक्षकों ने सराहा छात्रों का समर्पण

शोधार्थियों की इस शानदार सफलता पर इतिहास विभागाध्यक्ष प्रो. मनोज कुमार तिवारी ने प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि छात्रों ने अपने निरंतर प्रयासों और विषय पर गहरी पकड़ के कारण यह सफलता हासिल की है। विभाग के वरिष्ठ शिक्षक प्रो. निधि चतुर्वेदी सहित अन्य सभी प्राध्यापकों ने चयनित अभ्यर्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं।

शिक्षकों का मानना है कि विभाग में उपलब्ध शोध का माहौल और निरंतर मार्गदर्शन छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी इसे विभाग के लिए एक गौरवपूर्ण क्षण करार दिया है।

आने वाले समय में इन शोधार्थियों की नियुक्ति से विभिन्न विश्वविद्यालयों में शिक्षण कार्य को और अधिक गति मिलेगी। डीडीयू के इतिहास विभाग से निकले ये युवा शिक्षक अब देश के अलग-अलग कोनों में जाकर उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने में अपना योगदान देंगे।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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