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सीतामढ़ी में बागमती नदी में पलटी नाव, क्षमता से अधिक सवार थे 40 लोग

Sitamarhi boat accident rescue operations and safety protocol updates. सीतामढ़ी जिले के रुन्नीसैदपुर प्रखंड में बागमती नदी के खड़का घाट पर रविवार को एक बड़ा नाव हादसा टल गया। क्षमता से अधिक यात्रियों के कारण नदी के बीच में नाव असंतुलित होकर पलट गई।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

19 जुलाई 20263 मिनट पढ़ें 900
सीतामढ़ी में बागमती नदी में पलटी नाव, क्षमता से अधिक सवार थे 40 लोग
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बिहार के सीतामढ़ी जिले में रविवार को एक बड़ा नाव हादसा होते-होते टल गया। रुन्नीसैदपुर प्रखंड के खड़का घाट पर बागमती नदी के बीचों-बीच 40 लोगों से भरी एक नाव अचानक असंतुलित होकर पलट गई। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। स्थानीय लोगों और गोताखोरों की तत्परता से सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

कब्रिस्तान से लौटते समय हुआ हादसा

ग्रामीणों के अनुसार, खड़का गांव निवासी मो. फरहान के निधन के बाद उनके अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी करने के लिए बड़ी संख्या में लोग नदी के दूसरी ओर स्थित कब्रिस्तान गए थे। सुपुर्द-ए-खाक की रस्म पूरी करने के बाद जब ये लोग वापस लौट रहे थे, तभी नाव बीच धारा में पलट गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि नाव की वास्तविक क्षमता मात्र 15 से 20 लोगों की थी, लेकिन उस पर 40 से अधिक लोग सवार थे।

हादसे का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें नाव नदी की तेज धारा में डगमगाती हुई दिखाई दे रही है और कुछ ही पलों में पलट जाती है। नाव के पलटते ही यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। नदी के किनारे मौजूद लोगों ने तुरंत पानी में छलांग लगाकर डूबते हुए यात्रियों को बचाया। कुछ लोग अपनी जान बचाने के लिए खुद तैरकर सुरक्षित किनारे तक पहुंच गए।

प्रशासनिक लापरवाही और सुरक्षा पर सवाल

स्थानीय निवासियों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि खड़का घाट पर आवागमन के लिए कोई सुरक्षित पुल या पर्याप्त क्षमता वाली नाव उपलब्ध नहीं है। लोग मजबूरन छोटी और जर्जर नावों का सहारा लेने को विवश हैं। आरोप है कि नाव संचालक अधिक मुनाफे के चक्कर में क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाते हैं और मनमाना किराया वसूलते हैं।

नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में हो रही लगातार बारिश के कारण बागमती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। नदी कई स्थानों पर खतरे के निशान के करीब बह रही है, जिससे तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। सीतामढ़ी के जिलाधिकारी रिची पांडे ने स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा है और किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए हैं।

कोसी नदी का भी बढ़ा जलस्तर

केवल बागमती ही नहीं, बल्कि कोसी नदी भी उफान पर है। नेपाल में भारी बारिश के बाद कोसी बराज से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने से सुपौल समेत आसपास के जिलों में बाढ़ की आशंका पैदा हो गई है। कोसी बराज के कई फाटक खोल दिए गए हैं, जिससे नदी के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं। प्रशासन ने नदी के तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

बिहार के कई अन्य जिलों में भी मानसून सक्रिय है, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग ने राज्य के करीब 17 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, जबकि 20 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। बारिश के कारण सड़कों पर जलजमाव और निचले इलाकों में पानी भरने की खबरें लगातार सामने आ रही हैं, जिससे आम लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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