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भिंड में मानसून की पहली बारिश ने खोली नगर पालिका की पोल, सड़कों पर भरा पानी

Bhind waterlogging situation serious due to monsoon. भिंड शहर में पिछले 24 घंटे में 25 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। लगातार बारिश के चलते शहर की कई कॉलोनियों और मोहल्लों में जलभराव की स्थिति बन गई।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

8 जुलाई 20263 मिनट पढ़ें 1.2K
भिंड में मानसून की पहली बारिश ने खोली नगर पालिका की पोल, सड़कों पर भरा पानी
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भिंड में मानसून की दस्तक के साथ ही बिगड़े हालात

भिंड जिले में मानसून के सक्रिय होते ही जनजीवन पर गहरा असर पड़ा है। पिछले 24 घंटों के भीतर जिले में औसतन 42.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। मंगलवार दोपहर से शुरू हुआ बारिश का सिलसिला रात भर रुक-रुक कर चलता रहा, जिसके कारण बुधवार सुबह तक शहर के कई इलाकों में जलभराव की गंभीर स्थिति पैदा हो गई। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी मानसून के सक्रिय रहने और मध्यम से तेज बारिश होने का पूर्वानुमान जताया है।

शहर के कई प्रमुख मार्ग और कॉलोनियां पानी में डूबी नजर आईं। जल निकासी की व्यवस्था चरमरा जाने के कारण लोगों को अपने घरों से बाहर निकलने में भारी मशक्कत का सामना करना पड़ा। विशेष रूप से डॉक्टर लाइन, शास्त्री कॉलोनी, राजपूत नगर, पंडित कॉलोनी, कुशवाह कॉलोनी, अटेर रोड, गीता भवन गली और जिला अस्पताल के आसपास के क्षेत्रों में दो से तीन फीट तक पानी भर गया, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित रहा।

16 लाख के टेंडर के बाद भी सफाई नदारद

शहर में जलभराव की इस विकट स्थिति के लिए नगर पालिका की लचर कार्यप्रणाली को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, नालों की सफाई के लिए करीब दो महीने पहले 16 लाख रुपये का टेंडर जारी किया गया था। बावजूद इसके, शहर के अधिकांश बड़े नालों की सफाई नहीं की गई और कई स्थानों पर तो जेसीबी मशीन तक नहीं पहुंची। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि हर साल सफाई के नाम पर बजट का आवंटन तो होता है, लेकिन धरातल पर कोई काम नहीं दिखता।

राजपूत नगर के निवासी मनीष शर्मा ने बताया कि उनके घर के सामने सड़क पर दो फीट तक पानी जमा हो गया था। उन्होंने अधिकारियों को सोशल मीडिया के माध्यम से स्थिति से अवगत कराया, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकला। वहीं, राजहोली के मयंक दीक्षित का कहना है कि सड़क से दो फीट ऊंची दहलीज होने के बावजूद पानी उनके घर के अंदर तक पहुंच जाता है, जिससे उन्हें अपने वाहन सुरक्षित स्थानों पर खड़े करने पड़ते हैं।

जिले भर में बारिश का आंकड़ा

जिले के विभिन्न हिस्सों में हुई बारिश ने मानसून की सक्रियता को स्पष्ट कर दिया है। रौन में सबसे अधिक 62 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि मिहोना में 55 मिमी और अटेर में 58 मिमी बारिश हुई। भिंड शहर में 25 मिमी, गोहद में 40 मिमी, मौ में 40 मिमी, गोरमी में 36 मिमी, मेहगांव में 20 मिमी और लहार में 49 मिमी बारिश दर्ज की गई। जिले का औसत वर्षा रिकॉर्ड 42.8 मिमी रहा है।

किसानों के लिए यह बारिश राहत लेकर आई है, लेकिन शहरी क्षेत्रों में जल निकासी की कमजोर तैयारियों ने आम नागरिकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। शहर के कई बिजली सब-स्टेशन भी जलभराव की चपेट में आ गए हैं, जिससे भविष्य में बिजली आपूर्ति बाधित होने का खतरा भी बना हुआ है। यदि आने वाले दिनों में बारिश का दौर जारी रहता है और प्रशासन ने नालों की सफाई पर ध्यान नहीं दिया, तो स्थिति और अधिक भयावह हो सकती है।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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