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अनूपपुर: सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर 5 स्कूल बसों का चालान, पुलिस ने कसी नकेल

Anuppur school bus safety crackdown. अनूपपुर जिले में सुरक्षित स्कूल बस परिचालन अभियान के तहत बुधवार को जिला यातायात पुलिस ने स्कूली वाहनों की जांच शुरू की।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

8 जुलाई 20263 मिनट पढ़ें 754
अनूपपुर: सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर 5 स्कूल बसों का चालान, पुलिस ने कसी नकेल
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सुरक्षित स्कूल वाहन अभियान के तहत कार्रवाई

अनूपपुर जिले में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जिला यातायात पुलिस ने एक विशेष अभियान की शुरुआत की है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जिले भर में संचालित हो रहे स्कूली वाहनों की सघन जांच करना और यह सुनिश्चित करना है कि वे सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन कर रहे हैं या नहीं। बुधवार को इस अभियान के पहले चरण में कोतमा स्थित सेंट जोसेफ कॉन्वेंट स्कूल की बसों का औचक निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान पुलिस टीम ने स्कूल की कुल 8 बसों की बारीकी से जांच की। जांच में सामने आया कि इनमें से 5 बसें सुरक्षा के तय मानकों पर खरी नहीं उतरीं। इन वाहनों में गंभीर खामियां पाई गईं, जिसके बाद यातायात पुलिस ने मोटर वाहन अधिनियम के तहत तत्काल प्रभाव से चालानी कार्रवाई की। पुलिस ने स्कूल प्रबंधन को सख्त हिदायत दी है कि वे इन कमियों को जल्द से जल्द दूर करें ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।

सुरक्षा उपकरणों में मिली खामियां

जांच के दौरान बसों में सुरक्षा से जुड़ी कई महत्वपूर्ण कमियां उजागर हुईं। बसों में रखे गए अग्निशामक यंत्रों (फायर एक्सटिंग्विशर) की वैधता समाप्त हो चुकी थी, जो आपातकालीन स्थिति में बच्चों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा हो सकता है। इसके अलावा, बसों में मौजूद फर्स्ट एड बॉक्स भी निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए। इन सुरक्षा मानकों की अनदेखी को पुलिस ने गंभीरता से लिया है।

यातायात पुलिस ने केवल वाहनों की तकनीकी जांच तक ही खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि बस चालकों की भी सतर्कता से जांच की। सभी चालकों का ब्रीथ एनालाइजर मशीन के जरिए परीक्षण किया गया ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कोई भी चालक नशे की हालत में वाहन नहीं चला रहा है। राहत की बात यह रही कि जांच के दौरान कोई भी चालक शराब के नशे में नहीं पाया गया।

छात्रों को सड़क और साइबर सुरक्षा का पाठ

बसों की जांच के साथ-साथ पुलिस ने विद्यार्थियों को सुरक्षित यात्रा के प्रति जागरूक करने का भी प्रयास किया। पुलिस अधिकारियों ने छात्रों को सड़क सुरक्षा के नियमों, सीट बेल्ट के सही उपयोग और बस में चढ़ते-उतरते समय बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उनका उद्देश्य बच्चों को यातायात नियमों के प्रति बचपन से ही जिम्मेदार बनाना है।

इस दौरान पुलिस ने 'सेफ क्लिक' साइबर जागरूकता अभियान के तहत भी छात्रों को शिक्षित किया। बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए बच्चों को ऑनलाइन ठगी, फिशिंग लिंक, फर्जी कॉल और ओटीपी धोखाधड़ी जैसे खतरों से आगाह किया गया। सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग के बारे में भी महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए ताकि छात्र डिजिटल दुनिया में भी सुरक्षित रह सकें।

आगे की रणनीति और निर्देश

यह 10 दिवसीय विशेष अभियान आने वाले दिनों में जिले के अन्य स्कूलों में भी जारी रहेगा। यातायात पुलिस ने पहले ही एक बैठक आयोजित कर सभी स्कूल वाहन मालिकों को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि वे अपने वाहनों में सुरक्षा के सभी आवश्यक उपकरण और दस्तावेज दुरुस्त रखें। सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का पालन करना अनिवार्य है और इसमें किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

प्रशासन ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर जागरूक रहें और यदि उन्हें किसी स्कूल बस में सुरक्षा मानकों की कमी दिखे, तो इसकी सूचना तुरंत यातायात पुलिस को दें। इस अभियान का अंतिम लक्ष्य जिले में स्कूली बच्चों के लिए एक सुरक्षित परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करना है ताकि वे बिना किसी डर के अपनी शिक्षा पूरी कर सकें।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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