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अलवर में मानसून की मेहरबानी: बाला किला की पहाड़ियों से बहे झरने, बारिश का दौर जारी

बाला किला की पहाड़ियों से पानी झरने के रूप में कल-कल कर बहने लगा, जो पर्यटकों व स्थानीय लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहता है। हालांकि इस बार मानसून की बारिश कमजोर है।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

24 जुलाई 20262 मिनट पढ़ें 340
अलवर में मानसून की मेहरबानी: बाला किला की पहाड़ियों से बहे झरने, बारिश का दौर जारी
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राजस्थान के अलवर जिले में शुक्रवार तड़के मौसम का मिजाज अचानक बदल गया। सुबह करीब साढ़े चार बजे हुई तेज बारिश ने शहर के ऐतिहासिक बाला किला की पहाड़ियों को जीवंत कर दिया। लगभग 20 मिनट तक हुई मूसलाधार बारिश के चलते पहाड़ियों से पानी झरने के रूप में नीचे की ओर बहने लगा, जिसे देखकर स्थानीय लोग और पर्यटक मंत्रमुग्ध हो गए।

पहाड़ियों से बहता पानी बना आकर्षण का केंद्र

बाला किला की तलहटी में स्थित मूसी महारानी की छतरी और महल चौक जैसे ऐतिहासिक स्थलों के आसपास सुबह आठ बजे तक आसमान में गहरे बादल छाए रहे। सुबह के समय छाई धुंध और रिमझिम फुहारों ने वातावरण को खुशनुमा बना दिया। पहाड़ियों से नीचे सागर की ओर बहता पानी इस क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता को और अधिक बढ़ा रहा है, जो मानसून के दौरान यहां आने वाले सैलानियों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र होता है।

हालांकि, यह बारिश क्षेत्र के लिए राहत लेकर आई है, लेकिन जिले में मानसून की कुल स्थिति अभी भी चिंताजनक बनी हुई है। आंकड़ों पर गौर करें तो इस सीजन में अब तक हुई बारिश औसत से काफी कम दर्ज की गई है, जिससे प्रमुख बांधों जैसे जयसमंद और सिलीसेढ़ में पानी की आवक अभी भी नगण्य बनी हुई है।

आगामी दिनों के लिए मौसम विभाग का पूर्वानुमान

मौसम विभाग ने अलवर जिले के लिए अगले पांच दिनों तक मौसम के सक्रिय रहने की संभावना जताई है। विभाग के अनुसार, 24 से 27 जुलाई के बीच जिले में बादल छाए रहेंगे और हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रह सकता है। इस दौरान कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की भी उम्मीद है।

विशेष रूप से 27 जुलाई के लिए विभाग ने आंधी-तूफान और बिजली चमकने की चेतावनी जारी की है। इस अवधि में अधिकतम तापमान 29 से 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 से 25 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। इसके बाद 28 जुलाई से मौसम के साफ होने और बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है।

मानसून की कमी से जूझ रहा जिला

अलवर में इस बार मानसून की रफ्तार धीमी रही है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इस सीजन में अब तक लगभग 159.15 मिमी बारिश दर्ज की गई है। पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा 544.30 मिमी के आसपास था। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार लगभग 40 से 58 प्रतिशत तक कम बारिश होने से जल संकट की स्थिति बनी हुई है।

क्षेत्र के प्रमुख जलाशयों में पानी का स्तर अभी भी काफी नीचे है, जिससे किसानों और आम जनमानस को अच्छी बारिश का इंतजार है। हालांकि, शुक्रवार की सुबह हुई बारिश ने स्थानीय लोगों को थोड़ी राहत जरूर दी है, लेकिन जल स्रोतों को भरने के लिए अभी और अधिक बारिश की आवश्यकता बनी हुई है।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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