ब्रेकिंग
उदयपुर: पुलिस हिरासत से चकमा देकर भागे दो नाबालिग चोर, पहाड़ियों में तलाश जारीभोपाल के कटारा हिल्स में तेंदुए की दस्तक: रिहायशी इलाकों में दहशत, पार्क में आवाजाही पर लगी रोकग्वालियर में हनीट्रैप का खौफ: ब्लैकमेलिंग से तंग आकर युवक ने की आत्महत्या, दंपति पर केस दर्जलखनऊ: लारी कार्डियोलॉजी सेंटर में हर साल 8500 से ज्यादा हार्ट अटैक मरीजों को मिल रहा नया जीवनसुपौल: अवैध लेनदेन के विवाद में युवक का अपहरण, पुलिस ने 12 घंटे के भीतर सकुशल कराया बरामदकरौली की बेटी प्रिया गुप्ता का कमाल: पहले ही प्रयास में NEET-PG में लहराया सफलता का परचमधौलपुर: पिकअप हादसे में 4 मौतों के बाद प्रशासन सख्त, पोखर किनारे से हटाए गए अवैध निर्माणझांसी के कारोबारी का रहस्यमय परिस्थितियों में निधन, मध्य प्रदेश की नदी में मिला शव
उदयपुर: पुलिस हिरासत से चकमा देकर भागे दो नाबालिग चोर, पहाड़ियों में तलाश जारीभोपाल के कटारा हिल्स में तेंदुए की दस्तक: रिहायशी इलाकों में दहशत, पार्क में आवाजाही पर लगी रोकग्वालियर में हनीट्रैप का खौफ: ब्लैकमेलिंग से तंग आकर युवक ने की आत्महत्या, दंपति पर केस दर्जलखनऊ: लारी कार्डियोलॉजी सेंटर में हर साल 8500 से ज्यादा हार्ट अटैक मरीजों को मिल रहा नया जीवनसुपौल: अवैध लेनदेन के विवाद में युवक का अपहरण, पुलिस ने 12 घंटे के भीतर सकुशल कराया बरामदकरौली की बेटी प्रिया गुप्ता का कमाल: पहले ही प्रयास में NEET-PG में लहराया सफलता का परचमधौलपुर: पिकअप हादसे में 4 मौतों के बाद प्रशासन सख्त, पोखर किनारे से हटाए गए अवैध निर्माणझांसी के कारोबारी का रहस्यमय परिस्थितियों में निधन, मध्य प्रदेश की नदी में मिला शव

सुलतानपुर: 16 साल पुराने हत्या के प्रयास के मामले में तीन दोषियों को 10-10 साल की सजा

सुल्तानपुर में हत्या के प्रयास के तीन दोषियों को 10-10 वर्ष के कारावास और 50-50 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक के ऑपरेशन कनविक्शन अभियान के तहत सुल्तानपुर पुलिस की प्रभावी पैरवी के बाद यह फैसला आया है।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

17 जुलाई 20262 मिनट पढ़ें
सुलतानपुर: 16 साल पुराने हत्या के प्रयास के मामले में तीन दोषियों को 10-10 साल की सजा
मूल स्रोत

सुलतानपुर अदालत का कड़ा फैसला

उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर जिले में एक पुरानी आपराधिक घटना पर न्याय की मुहर लगी है। जिला न्यायालय ने 16 साल पुराने हत्या के प्रयास के एक मामले में तीन दोषियों को 10-10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने प्रत्येक दोषी पर 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। यह फैसला 'ऑपरेशन कनविक्शन' के तहत पुलिस की प्रभावी पैरवी का परिणाम माना जा रहा है।

न्यायालय ASJ-1 सुलतानपुर ने शुक्रवार शाम को यह निर्णय सुनाया। जिन लोगों को दोषी करार दिया गया है, उनमें अशोक कुमार शुक्ल उर्फ लल्लन शुक्ल और दिनेश पाठक शामिल हैं। ये सभी कूरेभार थाना क्षेत्र के निवासी हैं। अदालत ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर इन सभी को हत्या के प्रयास का दोषी पाया और उन्हें जेल भेजने का आदेश दिया।

क्या था पूरा मामला?

घटनाक्रम की शुरुआत 30 अप्रैल 2010 को हुई थी। वादी मुकदमा के अनुसार, शाम करीब 6:45 बजे आरोपियों ने उन्हें घेर लिया था। अशोक कुमार शुक्ल और दिनेश पाठक ने वादी पर एक पुराने लंबित मुकदमे में सुलह करने का भारी दबाव बनाया था। जब वादी ने किसी भी प्रकार के समझौते से स्पष्ट इनकार कर दिया, तो आरोपियों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी।

विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने वादी पर गोली चला दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इस घटना के बाद कूरेभार थाने में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले की विवेचना तत्कालीन उपनिरीक्षक राम हर्ष यादव द्वारा की गई थी, जिन्होंने गहन जांच के बाद 25 जून 2010 को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था।

ऑपरेशन कनविक्शन और पुलिस की भूमिका

इस मामले में न्याय सुनिश्चित करने के लिए सुलतानपुर पुलिस ने विशेष प्रयास किए। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक के पर्यवेक्षण में गठित मॉनिटरिंग सेल ने इस केस की पैरवी की। 'ऑपरेशन कनविक्शन' अभियान के तहत पुलिस ने अदालत में साक्ष्यों को मजबूती से प्रस्तुत किया, जिससे मामले का निस्तारण संभव हो सका।

कानूनी जानकारों का मानना है कि 16 साल बाद आई यह सजा अपराधियों में कानून का डर पैदा करने के लिए महत्वपूर्ण है। सुलतानपुर पुलिस की प्रभावी पैरवी के चलते ही इतने पुराने मामले में दोषियों को सजा दिलाने में सफलता मिली है। अर्थदंड जमा न करने की स्थिति में दोषियों को अतिरिक्त सजा का सामना करना पड़ सकता है।

न्याय प्रक्रिया का महत्व

इस फैसले से वादी पक्ष को लंबे इंतजार के बाद न्याय मिला है। हत्या के प्रयास जैसे गंभीर अपराधों में दोषियों को सजा मिलना समाज में सुरक्षा का संदेश देता है। पुलिस और अभियोजन पक्ष की ओर से की गई प्रभावी पैरवी ने यह साबित कर दिया है कि अपराध चाहे कितना भी पुराना क्यों न हो, कानून की पहुंच से बाहर नहीं है।

SponsoredMushfan Digital Studios - We Build Brands. We Grow Businesses.

टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

संबंधित खबरें