सागर: मूंग खरीदी केंद्र पर किसानों से अवैध वसूली का वीडियो वायरल, प्रशासन ने जांच के आदेश दिए
Sagar Rehli Moong procurement center extortion case video viral. सागर के रहली विकासखंड में स्थित समर्थन मूल्य पर मूंग खरीदी केंद्र पर किसानों ने अवैध वसूली की जा रही है। प्रति क्विंटल 300 रुपए लेते हुए वीडियो सामने आया है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

मध्य प्रदेश के सागर जिले के रहली विकासखंड से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां समर्थन मूल्य पर मूंग की खरीद के लिए बनाए गए केंद्र पर किसानों से खुलेआम अवैध वसूली की जा रही है। इस पूरी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें केंद्र पर मौजूद एक युवक किसानों से प्रति क्विंटल 300 रुपये की मांग करता हुआ साफ दिखाई दे रहा है।
वीडियो में कैद हुई वसूली की सच्चाई
वायरल वीडियो गुंजौरा स्थित मूंग खरीदी केंद्र का बताया जा रहा है। वीडियो में एक व्यक्ति हाथ में डायरी और पेन लिए हुए किसानों से मोलभाव करता नजर आ रहा है। किसान अपनी उपज की गुणवत्ता का हवाला देते हुए राशि कम करने का आग्रह कर रहे हैं, लेकिन वह व्यक्ति अपनी मांग पर अड़ा हुआ है। वीडियो में एक किसान से पांच क्विंटल मूंग के बदले 1500 रुपये की अवैध वसूली करते हुए भी देखा जा सकता है।
स्थानीय किसानों का आरोप है कि खरीदी केंद्र पर तैनात कर्मचारी और अन्य लोग जानबूझकर मूंग की गुणवत्ता को खराब बताते हैं। वे किसानों को डराते हैं कि यदि उन्होंने पैसे नहीं दिए, तो उनकी उपज को रिजेक्ट कर दिया जाएगा। इस डर का फायदा उठाकर केंद्र पर मौजूद लोग मनमानी राशि वसूल रहे हैं, जिससे किसान काफी परेशान हैं।
प्रशासन की कार्रवाई और जांच के निर्देश
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय प्रशासन हरकत में आया है। रहली के तहसीलदार राजेश पांडे ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि वीडियो उनके संज्ञान में आया है और प्रथम दृष्टया यह उपार्जन केंद्र पर अनियमितता का मामला प्रतीत होता है।
प्रशासन ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक टीम गठित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। तहसीलदार ने आश्वासन दिया है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने सरकारी खरीद केंद्रों की पारदर्शिता और कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
फिलहाल क्षेत्र में मूंग की खरीद का कार्य जारी है, लेकिन इस वीडियो के सामने आने के बाद किसानों में आक्रोश है। किसानों का कहना है कि सरकार द्वारा दी जाने वाली सुविधा का लाभ उन्हें नहीं मिल पा रहा है, बल्कि बिचौलियों और केंद्र प्रभारियों की मिलीभगत से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
पारदर्शिता पर उठे सवाल
समर्थन मूल्य पर फसल बेचने वाले किसान पहले ही कई तरह की चुनौतियों का सामना करते हैं। ऐसे में केंद्र पर होने वाली अवैध वसूली उनके लिए दोहरी मार साबित हो रही है। अब सबकी निगाहें प्रशासन द्वारा गठित की जाने वाली जांच टीम की रिपोर्ट पर टिकी हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या प्रशासन इस तरह की अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह लगाम लगा पाएगा या नहीं।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
