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रीवा में सरकारी किताबों का बड़ा घोटाला: गोदाम से गायब हुए 450 बंडल, जांच के लिए भोपाल से पहुंची टीम

रीवा के शासकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों को नि:शुल्क वितरित की जाने वाली पाठ्य पुस्तकों के वितरण में रीवा में बड़े फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। पाठ्य पुस्तक निगम के गोदाम से करीब दो ट्रक के बराबर 450 बंडल किताबें गायब मिली हैं।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

19 जुलाई 20263 मिनट पढ़ें
रीवा में सरकारी किताबों का बड़ा घोटाला: गोदाम से गायब हुए 450 बंडल, जांच के लिए भोपाल से पहुंची टीम
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मध्य प्रदेश के रीवा जिले में शिक्षा विभाग से जुड़ा एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है, जिसने प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। शासकीय विद्यालयों में छात्रों को मुफ्त वितरित की जाने वाली पाठ्य पुस्तकों के स्टॉक में भारी अनियमितता पाई गई है। पाठ्य पुस्तक निगम के स्थानीय गोदाम से करीब 450 बंडल किताबें रहस्यमय तरीके से गायब मिली हैं, जिनकी अनुमानित कीमत 35 से 36 लाख रुपये आंकी गई है।

स्टॉक मिलान में हुआ बड़ा खुलासा

मामले की शुरुआत तब हुई जब जिले के विभिन्न सरकारी स्कूलों में किताबों की कमी की शिकायतें सामने आईं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी ने तत्काल प्रभाव से स्टॉक की भौतिक जांच के निर्देश दिए। जब अधिकारियों ने गोदाम के रिकॉर्ड और वहां मौजूद स्टॉक का मिलान किया, तो पाया गया कि लगभग दो ट्रक के बराबर किताबें गायब हैं। यह खुलासा होते ही विभाग में अफरातफरी मच गई।

प्रारंभिक जांच में यह भी पता चला है कि गोदाम में कुछ ऐसी किताबें भी मिली हैं, जिन्हें आधिकारिक रिकॉर्ड में पहले ही वितरित या स्टॉक से बाहर दिखाया जा चुका था। इस विसंगति ने मामले को और अधिक संदिग्ध बना दिया है, जिससे यह आशंका जताई जा रही है कि कागजों पर हेरफेर कर किताबों को बाजार में खपाने का प्रयास किया गया हो।

भोपाल से पहुंची विशेष जांच टीम

घोटाले की गंभीरता को देखते हुए भोपाल स्थित मुख्यालय से अधिकारियों की एक विशेष टीम रीवा भेजी गई है। यह टीम गोदाम के वितरण रजिस्टर, स्टॉक एंट्री और पिछले कुछ महीनों के तमाम दस्तावेजों की गहन पड़ताल कर रही है। जांच टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर ये किताबें गोदाम से बाहर कैसे निकलीं और इसके पीछे किन लोगों की मिलीभगत है।

स्थानीय स्तर पर भी पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाई है। चोरहटा थाने में संबंधित अधिकारियों की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। थाना प्रभारी पवन शुक्ला ने पुष्टि की है कि मामले की विवेचना शुरू कर दी गई है और जल्द ही इसमें शामिल दोषियों की पहचान कर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

बाजार में बिक्री की आशंका

सूत्रों के अनुसार, ऐसी शिकायतें भी मिली थीं कि सरकारी स्कूलों के लिए आवंटित किताबें खुले बाजार में बेची जा रही हैं। जांच का दायरा अब इस बिंदु पर भी केंद्रित है कि क्या सरकारी खजाने की इन किताबों को निजी विक्रेताओं को बेचा गया। यदि यह साबित होता है, तो यह शिक्षा विभाग के लिए एक बड़ी शर्मिंदगी का विषय होगा।

वर्तमान में जांच टीम गोदाम के हर एक बंडल का भौतिक सत्यापन कर रही है। इस प्रक्रिया के दौरान और भी कई अनियमितताएं सामने आने की संभावना जताई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि यह लापरवाही है या सुनियोजित तरीके से किया गया कोई बड़ा आर्थिक अपराध।

फिलहाल, इस पूरे मामले पर प्रशासन की पैनी नजर है। शिक्षा विभाग के उन सभी कर्मचारियों और अधिकारियों से पूछताछ की तैयारी की जा रही है, जिनकी जिम्मेदारी गोदाम के प्रबंधन और किताबों के वितरण की थी। आने वाले दिनों में इस मामले में कई बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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