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राजस्थान विधानसभा का अमृत महोत्सव: 6 बार से अधिक जीतने वाले विधायकों का होगा सम्मान

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

15 जुलाई 20262 मिनट पढ़ें 436
राजस्थान विधानसभा का अमृत महोत्सव: 6 बार से अधिक जीतने वाले विधायकों का होगा सम्मान
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राजस्थान विधानसभा के 75 गौरवशाली वर्ष

राजस्थान विधानसभा अपने गठन के 75 वर्ष पूरे होने पर अमृत महोत्सव का भव्य आयोजन कर रही है। यह आयोजन न केवल राज्य के संसदीय इतिहास के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि देश के संसदीय लोकतंत्र में भी एक मिसाल बन गया है। राजस्थान विधानसभा देश की पहली ऐसी विधायी संस्था बन गई है, जो इतने बड़े स्तर पर अमृत महोत्सव का आयोजन कर रही है।

इस ऐतिहासिक अवसर पर राज्य के संसदीय इतिहास के विभिन्न पहलुओं को रेखांकित किया जाएगा। समारोह में वर्तमान और पूर्व विधायकों का एक बड़ा समागम देखने को मिलेगा, जिसमें कुल 695 पूर्व और वर्तमान विधायक एक साथ उपस्थित होंगे। यह आयोजन राज्य की लोकतांत्रिक यात्रा को नई दिशा देने और उसे संजोने के उद्देश्य से किया जा रहा है।

दिग्गज नेताओं का जुटान और विशेष सम्मान

समारोह की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें उपराष्ट्रपति, लोकसभा अध्यक्ष, राज्यपाल और मुख्यमंत्री एक ही मंच पर मौजूद रहेंगे। इसके अलावा, लोकसभा के 25 और राज्यसभा के 10 सांसद भी इस कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगे। यह पहली बार है जब इतने बड़े स्तर पर संवैधानिक पदों पर बैठे गणमान्य व्यक्ति एक साथ एक ही मंच पर दिखाई देंगे।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण 6 बार या उससे अधिक बार विधायक निर्वाचित हुए जन प्रतिनिधियों का सम्मान है। ऐसे कुल 26 विधायकों को सम्मानित किया जाएगा, जिनमें से लगभग 90 प्रतिशत विधायकों की आयु 70 वर्ष से अधिक है। यह सम्मान उनके लंबे राजनीतिक अनुभव और जनसेवा के प्रति उनके समर्पण को समर्पित है।

ऐतिहासिक कानूनों पर मंथन और सत्र

महोत्सव के दौरान केवल सम्मान समारोह ही नहीं, बल्कि बौद्धिक चर्चाओं का भी आयोजन किया गया है। राज्य के संसदीय इतिहास में बने 24 ऐतिहासिक कानूनों पर गहन मंथन किया जाएगा। इन सत्रों में 16 अनुभवी पूर्व और वर्तमान विधायक अपने विचार साझा करेंगे और कानूनों के प्रभाव व उनकी प्रासंगिकता पर चर्चा करेंगे।

इन चर्चाओं का उद्देश्य राज्य के विधायी कार्यों को भविष्य की पीढ़ी के लिए एक संदर्भ के रूप में तैयार करना है। इन सत्रों के माध्यम से यह समझने का प्रयास किया जाएगा कि कैसे इन कानूनों ने राजस्थान के सामाजिक और आर्थिक ढांचे को बदलने में भूमिका निभाई है।

सुरक्षा और व्यवस्थाओं का व्यापक प्रबंध

इतने बड़े आयोजन के लिए जयपुर में व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। राज्य भर से आ रहे पूर्व और वर्तमान विधायकों के ठहरने के लिए सर्किट हाउस, डाक बंगला, विधायक आवास गेस्ट हाउस और पंचायती राज संस्थान में विशेष इंतजाम किए गए हैं। प्रशासन ने मेहमानों की सुविधा और सुरक्षा के लिए पुख्ता प्रबंध किए हैं।

समारोह का समापन सायं 4 बजे होगा, जिसमें उपराष्ट्रपति मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। राज्यपाल और मुख्यमंत्री अतिविशिष्ट अतिथि के तौर पर उपस्थित रहेंगे। यह दिन राजस्थान की संसदीय राजनीति के पन्नों में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो जाएगा, जो आने वाले समय में लोकतांत्रिक मूल्यों को और अधिक मजबूती प्रदान करेगा।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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