करनाल में साइबर ठगों का बड़ा खेल: फोन हैक कर बैंक खाते से उड़ाए पौने चार लाख रुपये
शिकायतकर्ता के अनुसार 20 सितंबर को फोन हैक होने के कुछ देर बाद उसके आईसीआईसीआई बैंक खाते से तीन अलग-अलग लेनदेन के जरिए कुल 3 लाख 49 हजार 913 रुपए निकाल लिए गए। मामले में साइबर क्राइम थाना करनाल पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

मोहम्मद नवेद
एडिटर

फोन हैक होते ही खाली हुआ बैंक खाता
हरियाणा के करनाल जिले में साइबर ठगी का एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। कुंजपुरा गांव के निवासी सुरेंद्र के साथ हुई इस घटना ने डिजिटल सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार, 20 सितंबर को उनका मोबाइल फोन अचानक हैक हो गया, जिसके बाद उन्हें इस बात का आभास भी नहीं हुआ कि उनके बैंक खाते में सेंध लग चुकी है। जब उन्होंने अपने बैंक स्टेटमेंट की जांच की, तो उनके होश उड़ गए।
सुरेंद्र ने पुलिस को दी गई अपनी शिकायत में बताया कि उनके आईसीआईसीआई बैंक खाते से महज कुछ ही मिनटों के भीतर तीन बड़ी ट्रांजैक्शन की गईं। साइबर अपराधियों ने बड़ी चालाकी से उनके खाते से कुल 3 लाख 49 हजार 913 रुपये की राशि पार कर दी। यह घटना उस समय हुई जब पीड़ित को फोन हैक होने की कोई जानकारी नहीं थी, जिससे ठगों को अपना काम करने का पूरा मौका मिल गया।
मिनटों में अंजाम दिया गया बड़ा फ्रॉड
ठगी की टाइमिंग बेहद चौंकाने वाली है। पहली ट्रांजैक्शन शाम 5 बजकर 1 मिनट पर हुई, जिसमें 99,567 रुपये निकाले गए। इसके ठीक दो मिनट बाद, शाम 5 बजकर 3 मिनट पर दूसरी ट्रांजैक्शन के जरिए 1,42,346 रुपये खाते से गायब हो गए। सिलसिला यहीं नहीं रुका और शाम 5 बजकर 8 मिनट पर तीसरी बार में 1,08,000 रुपये निकाल लिए गए। इन तीनों ही लेनदेन में अलग-अलग यूपीआई आईडी का इस्तेमाल किया गया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह एक सुनियोजित साइबर हमला था।
घटना के तुरंत बाद पीड़ित ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद मामला साइबर क्राइम थाना करनाल तक पहुंचा। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल प्रभाव से एफआईआर दर्ज कर ली है। अब जांच अधिकारी एसआई कृष्ण कुमार इस पूरे मामले की गहनता से पड़ताल कर रहे हैं।
पुलिस की जांच और आगे की कार्रवाई
साइबर क्राइम पुलिस अब उन यूपीआई आईडी और बैंक खातों की जानकारी जुटा रही है, जिनमें यह पैसा ट्रांसफर किया गया है। पुलिस का मानना है कि तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचना संभव होगा। जांच टीम उन डिजिटल फुटप्रिंट्स को खंगाल रही है जो ठगों ने ट्रांजैक्शन के दौरान छोड़े हैं। पुलिस का प्रयास है कि ठगी गई रकम को फ्रीज कराया जाए और आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए।
इस घटना ने एक बार फिर आम लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी दी है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें और अपने फोन की सुरक्षा सेटिंग्स को हमेशा अपडेट रखें। साइबर ठग अब इतने एडवांस हो गए हैं कि वे बिना ओटीपी के भी फोन का एक्सेस लेकर खाते खाली कर सकते हैं। करनाल पुलिस ने भी लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान ऐप को डाउनलोड न करें और न ही अपनी बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा करें।

एडिटर
मोहम्मद नवेद
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!