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राजस्थान बीज निगम रिश्वत कांड: एसीबी जल्द दाखिल करेगी चार्जशीट, चार नए संदिग्धों पर शिकंजा

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

18 जुलाई 20263 मिनट पढ़ें 748
राजस्थान बीज निगम रिश्वत कांड: एसीबी जल्द दाखिल करेगी चार्जशीट, चार नए संदिग्धों पर शिकंजा
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एसीबी की जांच अंतिम चरण में, जल्द पेश होगी चार्जशीट

राजस्थान राज्य बीज निगम में सामने आए 2.44 करोड़ रुपये के बहुचर्चित रिश्वत कांड की जांच अब अपने अंतिम पड़ाव पर है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) इस महीने के अंत तक अदालत में चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी कर रही है। जांच प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अब केवल अभियोजन से जुड़ी कानूनी औपचारिकताएं शेष हैं। चालान पेश होने के बाद एसीबी इस मामले की जांच के दूसरे चरण में प्रवेश करेगी, जिसमें अब तक चिन्हित किए गए चार नए संदिग्धों को पूछताछ के लिए तलब किया जाएगा।

जुगल किशोर के संरक्षण में सक्रिय था संगठित गिरोह

एसीबी की अब तक की जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि बीज निगम के तत्कालीन प्रबंध निदेशक जुगल किशोर बिश्नोई के संरक्षण में एक संगठित गिरोह सक्रिय था। यह गिरोह पूरी तरह से व्यवस्थित तरीके से वसूली का काम कर रहा था। जांच में सामने आया कि सुनील सेतिया जैसे लोग छापे की कार्रवाई के बाद फैक्ट्री संचालकों से संपर्क साधते थे और उन्हें जुगल किशोर व अन्य अधिकारियों से सेटिंग कराने का झांसा देकर मोटी रकम ऐंठते थे। इस नेटवर्क में कई लाइजनर भी शामिल थे जो बिचौलिये की भूमिका निभा रहे थे।

एसीबी ने 7 जून को इस बड़े रिश्वत नेटवर्क का पर्दाफाश किया था। इस कार्रवाई में तत्कालीन प्रबंध निदेशक जुगल किशोर बिश्नोई, उनके करीबी स्वतंत्र बिश्नोई, फलौदी विधायक के तत्कालीन निजी सहायक गणपत बिश्नोई, किरण कपाड़िया, सुनील सेतिया और सतपाल को नामजद किया गया था। आरोपियों से रिमांड के दौरान हुई पूछताछ, मोबाइल कॉल रिकॉर्ड और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों ने इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को आपस में जोड़ दिया है।

60 लाख रुपये की बरामदगी अभी भी चुनौती

जांच में एक महत्वपूर्ण तथ्य यह भी सामने आया है कि रिश्वत के इस पूरे खेल में करीब 60 लाख रुपये गणपत बिश्नोई के हिस्से में गए थे। हालांकि, एसीबी की तमाम कोशिशों और तलाशी अभियान के बावजूद यह राशि अभी तक बरामद नहीं हो सकी है। जांच एजेंसियों को संदेह है कि इस रकम को अलग-अलग लोगों के माध्यम से ठिकाने लगा दिया गया है। एसीबी का मानना है कि चार्जशीट पेश होने के बाद जब नए संदिग्धों से पूछताछ होगी, तो इस 60 लाख रुपये के लेन-देन का रहस्य भी खुल सकता है।

एसीबी की नजर अब चार नए लोगों पर है, जिन्हें जल्द ही पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। इनमें बीज निगम के तत्कालीन निदेशक के लिए लाइजनिंग करने वाला एक व्यक्ति, जोधपुर निवासी रोशनी और दो अन्य लोग शामिल हैं। अधिकारियों का मानना है कि इन लोगों से पूछताछ के बाद रिश्वतखोरी के इस संगठित नेटवर्क के कई और चेहरे बेनकाब हो सकते हैं और गायब हुई रकम का सुराग मिल सकता है।

मामले की पृष्ठभूमि और बरामदगी

इस मामले में एसीबी ने कार्रवाई के दौरान जुगल किशोर के ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस दौरान बस के जरिए भेजी जा रही नकदी सहित कुल 2.44 करोड़ रुपये बरामद किए गए थे। आरोपियों को पहले पांच दिन और फिर दो दिन के अतिरिक्त पुलिस रिमांड पर लेकर आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की गई थी। इस पूछताछ में रिश्वत के लेन-देन का पूरा सिस्टम सामने आया था, जो किसी बड़े कॉर्पोरेट नेटवर्क की तरह संचालित हो रहा था।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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