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पटना की बहादुरपुर हाउसिंग कॉलोनी का बदलेगा स्वरूप, 18 मंजिला इमारतों के साथ बनेगी मिनी स्मार्ट सिटी

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

15 जुलाई 20263 मिनट पढ़ें 392
पटना की बहादुरपुर हाउसिंग कॉलोनी का बदलेगा स्वरूप, 18 मंजिला इमारतों के साथ बनेगी मिनी स्मार्ट सिटी
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पटना की दशकों पुरानी बहादुरपुर आवास बोर्ड कॉलोनी अब एक आधुनिक स्वरूप में नजर आएगी। लंबे समय से जर्जर हो चुके एलआईजी और एमआईजी फ्लैट्स को हटाकर वहां 18 मंजिला भव्य इमारतों का निर्माण किया जाएगा। नगर विकास विभाग ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को हरी झंडी दे दी है, जिससे स्थानीय निवासियों को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस नया आशियाना मिल सकेगा।

32.5 एकड़ में तैयार होगी मिनी स्मार्ट सिटी

लगभग 32.5 एकड़ के विशाल क्षेत्र में फैली इस कॉलोनी को एक मिनी स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने की योजना है। एनबीसीसी (नेशनल बिल्डिंग्स कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन) द्वारा तैयार की गई विस्तृत कार्ययोजना के अनुसार, यहां केवल रिहायशी टावर ही नहीं, बल्कि स्कूल, अस्पताल, मैरेज हॉल और कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स जैसी बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। विभाग का लक्ष्य है कि इस पूरे निर्माण कार्य को तीन साल की समय सीमा के भीतर पूरा कर लिया जाए।

परियोजना को रेरा (RERA) के नियमों के तहत पंजीकृत कराया जाएगा ताकि पारदर्शिता बनी रहे। निर्माण कार्य को चरणों में विभाजित किया गया है ताकि मौजूदा निवासियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। जो लोग वर्तमान में इन फ्लैटों में रह रहे हैं, उन्हें नई इमारतें तैयार होने तक विभाग की ओर से किराए के रूप में आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त, वर्तमान निवासियों को नए फ्लैटों के आवंटन में प्राथमिकता दी जाएगी।

बकाएदारों के लिए राहत और विशेष छूट

नगर विकास विभाग ने उन आवास धारकों के लिए भी राहत की घोषणा की है, जिन पर लंबे समय से बकाया राशि लंबित है। आंकड़ों के अनुसार, लगभग 350 से अधिक आवास धारकों पर 3 लाख से लेकर 40 लाख रुपये तक का बकाया है, जिस पर 14 प्रतिशत की दर से ब्याज लागू है। विभाग ने निर्णय लिया है कि यदि ये बकाएदार एकमुश्त भुगतान करते हैं, तो उन्हें ब्याज राशि में 70 प्रतिशत तक की भारी छूट दी जाएगी।

इस प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए बोर्ड कार्यालय में एक 'समाधान केंद्र' की स्थापना की गई है। यहां आवास धारक न केवल अपनी बकाया राशि की जानकारी ले सकते हैं, बल्कि सहमति प्रपत्र भी जमा कर सकते हैं। जिन निवासियों का कोई बकाया नहीं है, उन्हें अपनी पसंद का फ्लैट चुनने की स्वतंत्रता दी जाएगी। वहीं, जिन्होंने पहले ही अपने फ्लैट को फ्री-होल्ड करा लिया है, उन्हें नए आवंटन में विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा।

पुनर्विकास का मॉडल और भविष्य की राह

नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार ने स्पष्ट किया है कि बहादुरपुर हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी का यह पुनर्विकास बिहार में आवास क्षेत्र के लिए एक मिसाल बनेगा। उन्होंने कहा कि निवासियों की सहमति मिलते ही निर्माण कार्य को युद्धस्तर पर शुरू कर दिया जाएगा। यह परियोजना न केवल पुराने ढांचे को नया जीवन देगी, बल्कि पटना के शहरी विकास में एक मील का पत्थर साबित होगी।

इस पूरी योजना के क्रियान्वयन के लिए नगर विकास विभाग के अधिकारियों और एनबीसीसी के प्रतिनिधियों के बीच हाल ही में एक उच्च स्तरीय बैठक हुई। बैठक में पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से पूरी परियोजना की रूपरेखा साझा की गई, जिस पर उपस्थित आवास धारकों ने अपनी सहमति व्यक्त की है। अब प्रशासन का ध्यान जल्द से जल्द निर्माण कार्य शुरू करने और निवासियों के पुनर्वास की प्रक्रिया को व्यवस्थित करने पर केंद्रित है।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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