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नवादा: 1100 रुपये की पेंशन लेने पहुंची महिला, बैंक खाते में दिखे 740 करोड़

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

12 जुलाई 20263 मिनट पढ़ें 1.5K
नवादा: 1100 रुपये की पेंशन लेने पहुंची महिला, बैंक खाते में दिखे 740 करोड़
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पेंशन के लिए बैंक पहुंची महिला को लगा बड़ा झटका

बिहार के नवादा जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। नीम टोला इलाके की रहने वाली रेखा देवी, जो कि एक विधवा हैं, अपनी नियमित सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि निकालने के लिए स्थानीय बैंक शाखा पहुंची थीं। उन्हें उम्मीद थी कि उनके खाते में 1100 रुपये की पेंशन राशि आई होगी, लेकिन जब बैंक कर्मी ने उनके खाते का बैलेंस चेक किया, तो वहां मौजूद हर कोई दंग रह गया। महिला के खाते में 740 करोड़ रुपये से अधिक की राशि दिखाई दे रही थी।

इतनी बड़ी रकम देखकर रेखा देवी के होश उड़ गए। वह स्वर्गीय उदय नारायण पांडे की पत्नी हैं और आर्थिक रूप से पेंशन पर निर्भर हैं। बैंक में अचानक सामने आई इस बड़ी राशि की खबर जंगल की आग की तरह फैल गई। स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा का विषय बन गया कि आखिर एक सामान्य पेंशनभोगी के खाते में इतनी बड़ी धनराशि कैसे आ सकती है।

तबीयत बिगड़ी और मची अफरा-तफरी

खाते में अरबों रुपये की राशि देखकर रेखा देवी घबरा गईं। परिजनों के अनुसार, वह पहले से ही हृदय रोग से जूझ रही हैं। इतनी बड़ी रकम का अचानक उनके खाते में दिखना उनके लिए मानसिक तनाव का कारण बन गया और उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। परिवार के सदस्यों ने उन्हें तुरंत संभाला और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। इस घटना ने पूरे मोहल्ले में हड़कंप मचा दिया है।

परिजनों ने बताया कि बिहार पेंशन दिवस के अवसर पर राज्य सरकार द्वारा बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों के खातों में पेंशन राशि भेजी गई थी। संभवतः इसी प्रक्रिया के दौरान तकनीकी खामी के कारण उनके खाते में यह असामान्य राशि प्रदर्शित हुई। बैंक के बंद होने के कारण आधिकारिक तौर पर बैंक प्रबंधन की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी है।

तकनीकी त्रुटि या बड़ी लापरवाही?

प्राथमिक तौर पर इसे बैंकिंग सिस्टम की एक बड़ी तकनीकी गड़बड़ी माना जा रहा है। हालांकि, इस तरह की त्रुटि से आम नागरिकों को होने वाली परेशानी पर सवाल उठ रहे हैं। रेखा देवी और उनके परिवार का कहना है कि इस रकम पर उनका कोई अधिकार नहीं है और वे इसे लेकर चिंतित हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले की गंभीरता से जांच की जाए।

परिवार का स्पष्ट कहना है कि सिस्टम की इस लापरवाही ने उन्हें मानसिक रूप से परेशान किया है। उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने की अपील की है कि भविष्य में ऐसी गलतियां न हों, जिससे किसी बीमार व्यक्ति को इस तरह के तनाव से न गुजरना पड़े। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि तकनीकी सुधार के बाद इस गलत राशि को खाते से वापस हटा लिया गया है।

जांच और सुधार की मांग

इस घटना ने बैंकिंग प्रणाली की सुरक्षा और डेटा प्रबंधन पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि बैंक की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं आया है, लेकिन स्थानीय लोग इसे सिस्टम की एक गंभीर खामी मान रहे हैं। फिलहाल, रेखा देवी का परिवार इस पूरे मामले से हुई मानसिक परेशानी के बाद राहत की सांस लेने की कोशिश कर रहा है।

प्रशासनिक स्तर पर भी इस घटना के बाद सतर्कता बरती जा रही है ताकि पेंशन वितरण प्रणाली में किसी भी प्रकार की तकनीकी बाधा न आए। पेंशनभोगी अब इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि संबंधित बैंक और विभाग इस मामले में अपनी स्थिति स्पष्ट करें ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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