IFFCO डीलरशिप के नाम पर 9.20 लाख की ठगी, बिहार से एक आरोपी गिरफ्तार
हरियाणा के नारनौल साइबर थाना पुलिस ने करीब 9.20 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले में कार्रवाई करते हुए बिहार निवासी एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान गुलशन कुमार निवासी बड़ा एकमा, जिला सुपौल (बिहार) के रूप में हुई है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

IFFCO डीलरशिप का झांसा देकर की गई बड़ी धोखाधड़ी
हरियाणा के नारनौल में साइबर अपराधियों ने एक खाद-बीज विक्रेता को अपना निशाना बनाया है। नारनौल साइबर थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए बिहार के सुपौल जिले से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर IFFCO की डीलरशिप दिलाने के नाम पर 9.20 लाख रुपये से अधिक की ठगी करने का गंभीर आरोप है।
गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान गुलशन कुमार के रूप में हुई है, जो बिहार के सुपौल जिले के बड़ा एकमा गांव का निवासी है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने खुद को कंपनी का अधिकारी बताकर पीड़ित को जाल में फंसाया था। इस गिरफ्तारी को साइबर पुलिस की एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है।
कैसे फंसाया गया जाल में
मामले की शुरुआत सितंबर 2024 में हुई, जब निजामपुर थाना क्षेत्र के बखरीजा गांव निवासी जयसिंह ने IFFCO खाद की डीलरशिप के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। आवेदन के कुछ समय बाद ही उन्हें अज्ञात नंबरों से फोन आने शुरू हो गए। फोन करने वालों ने खुद को कंपनी का मैनेजर और वरिष्ठ अधिकारी बताते हुए डीलरशिप दिलाने का झांसा दिया।
ठगों ने पीड़ित को विश्वास में लेने के लिए 800 बैग डीएपी और 700 बैग यूरिया की सप्लाई का लालच दिया। पीड़ित ने उनकी बातों पर भरोसा कर लिया और अलग-अलग किस्तों में कुल 9,20,650 रुपये उनके द्वारा बताए गए बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए। पैसे मिलने के बाद ठगों ने अपना फोन बंद कर लिया और खाद की कोई आपूर्ति नहीं की गई।
तकनीकी जांच से खुला राज
पैसे गंवाने के बाद पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने नारनौल साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने बैंक ट्रांजैक्शन, मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का बारीकी से विश्लेषण किया।
जांच में यह स्पष्ट हुआ कि ठगी गई रकम गुलशन कुमार के बैंक खाते में जमा हुई थी, जिसे बाद में एटीएम के जरिए निकाल लिया गया था। पर्याप्त सबूत मिलने के बाद पुलिस ने बिहार में दबिश दी और आरोपी गुलशन को गिरफ्तार कर लिया।
न्यायिक हिरासत और आगे की कार्रवाई
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी को स्थानीय अदालत में पेश किया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि अन्य आरोपियों की पहचान कर ली गई है और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
इस मामले ने एक बार फिर ऑनलाइन डीलरशिप के नाम पर होने वाली साइबर ठगी के प्रति लोगों को सतर्क रहने का संदेश दिया है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी आधिकारिक काम के लिए केवल कंपनी की अधिकृत वेबसाइट का ही उपयोग करें और किसी भी अनजान व्यक्ति को भुगतान करने से बचें।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!