कॉमनवेल्थ गेम्स: मध्य प्रदेश के यामिनी और अजय बाबू ने जीता सिल्वर, सरकार देगी 25-25 लाख और नौकरी
MP Commonwealth Games silver medalists Yamini and Ajay Babu awarded cash prize and government jobs. यामिनी और अजय बाबू ने जीते सिल्वर खेल नीति के तहत

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

ग्लासगो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 में मध्य प्रदेश के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश और प्रदेश का मान बढ़ाया है। जूडो खिलाड़ी यामिनी मौर्य और वेटलिफ्टर अजय बाबू वल्लुरी ने रजत पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। राज्य सरकार ने इन दोनों पदक विजेताओं के लिए नकद पुरस्कार और सरकारी नौकरी की घोषणा की है।
किसान की बेटी यामिनी ने जूडो में रचा इतिहास
सागर जिले के एक सामान्य किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाली यामिनी मौर्य ने महिला 57 किलोग्राम जूडो वर्ग में रजत पदक हासिल किया। फाइनल मुकाबले में उन्हें इंग्लैंड की मजबूत दावेदार असेल्या टोपराक से कड़ी टक्कर मिली, जिसमें उन्हें हार का सामना करना पड़ा। यामिनी का यहां तक का सफर संघर्षपूर्ण रहा है। उनके पिता हरिओम मौर्य खेती करते हैं और आर्थिक तंगी के बावजूद उन्होंने अपनी बेटी के सपनों को पूरा करने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
यामिनी के कोच दीपक रजक ने बताया कि उनकी प्रतिभा को स्कूल के मैदान में ही पहचान लिया गया था। शुरुआत में परिवार आर्थिक और सामाजिक कारणों से उन्हें बाहर भेजने में हिचकिचा रहा था, लेकिन यामिनी के दृढ़ संकल्प और कोच के प्रोत्साहन ने उन्हें आगे बढ़ने का रास्ता दिखाया। आज उनकी यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार के लिए बल्कि पूरे सागर जिले के लिए गर्व का विषय है।
अजय बाबू महज एक किलो से चूके स्वर्ण पदक
वेटलिफ्टिंग की पुरुष 79 किलोग्राम स्पर्धा में अजय बाबू वल्लुरी ने रजत पदक अपने नाम किया। अजय ने कुल 330 किलोग्राम वजन उठाकर पदक जीता, लेकिन वे स्वर्ण पदक से केवल एक किलोग्राम के अंतर से चूक गए। मलेशिया के एरी हिदायत मुहम्मद ने 331 किलोग्राम वजन उठाकर स्वर्ण पदक जीता। अजय ने स्नैच में 149 किलोग्राम वजन उठाकर गेम्स रिकॉर्ड भी बनाया था, जो उनकी बेहतरीन तैयारी को दर्शाता है।
मूल रूप से आंध्र प्रदेश के रहने वाले अजय बाबू के पिता भोपाल में कार्यरत हैं, जिसके चलते वे लंबे समय से मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। इससे पहले 2025 की कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने अपनी क्षमता साबित की थी। इस बार भी उन्होंने अपने प्रदर्शन में निरंतरता बनाए रखी और रजत पदक के साथ अपने पदक तालिका में एक और उपलब्धि जोड़ी।
सरकार का बड़ा ऐलान: सम्मान और रोजगार
मध्य प्रदेश के खेल मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने दोनों खिलाड़ियों की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर उन्हें बधाई दी है। सरकार ने यामिनी और अजय बाबू को 25-25 लाख रुपये की नकद राशि देने का ऐलान किया है। इसके साथ ही, राज्य की खेल नीति के प्रावधानों के तहत दोनों खिलाड़ियों को सरकारी विभाग में नौकरी भी प्रदान की जाएगी, ताकि वे भविष्य में भी खेलों के प्रति अपना ध्यान केंद्रित रख सकें।
कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय दल का प्रदर्शन लगातार बेहतर हो रहा है। मुक्केबाजी में भारत ने पहली बार पांच स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा है। हालांकि, कुछ स्पर्धाओं में भारतीय खिलाड़ियों को निराशा भी हाथ लगी है, जैसे महिलाओं की 10,000 मीटर रेस वॉक में रवीना गायकवाड़ का डिस्क्वालीफाई होना। इन सबके बावजूद, यामिनी और अजय जैसे खिलाड़ियों का प्रदर्शन देश के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
