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पिता की डांट से नाराज होकर घर से भागा 12 साल का किशोर, 350 किमी दूर कानपुर में मिला

Minor boy missing from Azamgarh recovered by GRP at Kanpur railway station. जीआरपी प्रभारी ओमनारायण सिंह ने बताया कि ऑपरेशन मुस्कान के तहत शनिवार को स्टेशन पर चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। टीम प्लेटफॉर्म, टिकट घर और यात्री प्रतीक्षालय क्षेत्र में गश्त कर रही थी।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

31 जुलाई 20262 मिनट पढ़ें 1.5K
पिता की डांट से नाराज होकर घर से भागा 12 साल का किशोर, 350 किमी दूर कानपुर में मिला
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उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां 12 साल का एक किशोर अपने पिता की डांट से इतना नाराज हुआ कि वह घर छोड़कर करीब 350 किलोमीटर दूर कानपुर पहुंच गया। गनीमत रही कि कानपुर रेलवे स्टेशन पर तैनात जीआरपी की सतर्कता के चलते बच्चा सुरक्षित मिल गया और उसे सकुशल उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।

ऑपरेशन मुस्कान के दौरान मिली सफलता

कानपुर रेलवे स्टेशन पर जीआरपी द्वारा 'ऑपरेशन मुस्कान' के तहत विशेष चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान पुलिस टीम प्लेटफॉर्म, टिकट घर और यात्री प्रतीक्षालय क्षेत्रों में गश्त कर रही थी। तभी पुलिसकर्मियों की नजर एक किशोर पर पड़ी जो काफी देर से अकेले बैठा हुआ था। बच्चे की संदिग्ध स्थिति को देखते हुए पुलिस ने उसे हिरासत में लिया और पूछताछ के लिए जीआरपी थाने ले आई।

जीआरपी प्रभारी ओमनारायण सिंह ने बताया कि पूछताछ के दौरान किशोर ने अपनी पहचान आजमगढ़ के थाना महाराजगंज क्षेत्र के जुदाखुर्द गांव के निवासी के रूप में दी। बच्चे ने पुलिस को बताया कि उसके पिता अक्सर उसे पढ़ाई को लेकर डांटते थे, जिससे परेशान होकर उसने घर छोड़ने का फैसला किया। वह गुरुवार को बिना किसी को बताए आजमगढ़ स्टेशन पहुंचा और वहां से ट्रेन में बैठकर कानपुर आ गया।

भूखा-प्यासा था बच्चा, पुलिस ने की मदद

कानपुर पहुंचने के बाद किशोर के पास पैसे नहीं थे और वह काफी भूखा था। वह स्टेशन पर काफी देर तक लोगों से मदद की उम्मीद में बैठा रहा। जीआरपी कर्मियों ने जब उसकी हालत देखी, तो पहले उसे खाना खिलाया और ढांढस बंधाया। इसके बाद पुलिस ने बच्चे से उसके पिता का मोबाइल नंबर मांगा और तुरंत परिजनों से संपर्क साधा।

पुलिस के फोन के बाद परिजन तुरंत कानपुर के लिए रवाना हुए। शुक्रवार शाम को जब पिता कानपुर पहुंचे, तो जीआरपी ने आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद बच्चे को सुरक्षित उनके हवाले कर दिया। अपने बेटे को सही-सलामत पाकर पिता ने जीआरपी टीम का आभार व्यक्त किया।

जीआरपी की आम लोगों से अपील

इस घटना के बाद जीआरपी ने आम जनता से सतर्क रहने की अपील की है। प्रभारी ओमनारायण सिंह ने कहा कि यदि किसी को रेलवे स्टेशन या आसपास के क्षेत्रों में कोई संदिग्ध व्यक्ति या बच्चा अकेला दिखाई दे, तो तुरंत जीआरपी हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस थाने को सूचित करें। इस तरह की सतर्कता से किसी बड़े हादसे को टाला जा सकता है और खोए हुए बच्चों को उनके परिवारों से मिलाया जा सकता है।

यह मामला एक बार फिर बच्चों और अभिभावकों के बीच संवाद की कमी को रेखांकित करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों पर पढ़ाई का अत्यधिक दबाव या डांट-फटकार उन्हें घर से भागने जैसे कदम उठाने के लिए मजबूर कर सकती है। ऐसे में माता-पिता को बच्चों के साथ संवेदनशीलता से पेश आने की आवश्यकता है।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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