लखनऊ: निवेश के नाम पर 55 लाख की ठगी, फर्जी प्लॉट रजिस्ट्री थमाकर आरोपी फरार
लखनऊ के आशियाना थाना क्षेत्र के रुचिखंड निवासी अभिषेक कुमार से ऑनलाइन निवेश, रियल एस्टेट और ट्रेडिंग कंपनी में निवेश के नाम पर करीब 55 लाख रुपए की धोखाधड़ी की गई। जालसाज ने ज्यादा मुनाफे का लालच देकर अलग-अलग यूपीआई और अपने बैंक खाते में रकम जमा कराई।

मुश्ताक अहमद खान
Editor In Chief

निवेश के नाम पर जालसाजी का बड़ा मामला
लखनऊ के आशियाना थाना क्षेत्र के रुचिखंड इलाके में रहने वाले अभिषेक कुमार के साथ ऑनलाइन निवेश और रियल एस्टेट के नाम पर 55 लाख रुपये की बड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि जालसाजों ने उन्हें भारी मुनाफे का लालच देकर अपनी बातों में फंसाया और धीरे-धीरे उनसे मोटी रकम ऐंठ ली। शुरुआती दौर में कुछ समय तक रिटर्न देकर विश्वास जीतने के बाद आरोपियों ने अचानक भुगतान रोक दिया और बाद में फरार हो गए।
पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, अभिषेक की मुलाकात औरैया निवासी दीपक सिंह से हुई थी। दीपक ने खुद को अमेजिंग लाइफ कॉइन समेत कई कंपनियों का संचालक बताया था। उसने गोमतीनगर की साइबर हाइट्स बिल्डिंग में एक ऑफिस भी खोल रखा था, जिससे वह लोगों को अपनी कंपनियों की विश्वसनीयता का भरोसा दिलाता था। इसी ऑफिस में हुई मीटिंग के दौरान उसने अभिषेक को निवेश पर शानदार रिटर्न का झांसा दिया।
फर्जी दस्तावेजों का जाल
अभिषेक ने आरोपी के झांसे में आकर कोटक महिंद्रा बैंक खाते और विभिन्न यूपीआई माध्यमों से कुल 55 लाख रुपये का निवेश किया। कुछ महीनों तक उन्हें निवेश का लाभ मिलता रहा, जिससे उनका भरोसा और गहरा हो गया। हालांकि, जब भुगतान आना बंद हुआ और अभिषेक ने अपनी मूल पूंजी वापस मांगी, तो आरोपी ने बहानेबाजी शुरू कर दी। दीपक ने दावा किया कि उनका पैसा जमीन में निवेश किया गया है और इसके बदले उन्हें प्लॉट की रजिस्ट्री करा दी जाएगी।
काफी समय बीतने के बाद भी जब रजिस्ट्री नहीं हुई, तो अभिषेक ने खुद दस्तावेजों की जांच-पड़ताल की। जांच में सामने आया कि आरोपी द्वारा उपलब्ध कराए गए जमीन के सभी कागजात पूरी तरह से फर्जी थे। जब तक पीड़ित को इस धोखाधड़ी का अहसास हुआ, तब तक आरोपी दीपक सिंह ने अपना ऑफिस बंद कर दिया और वहां से गायब हो गया।
अन्य लोगों के साथ भी ठगी की आशंका
पीड़ित अभिषेक का आरोप है कि दीपक सिंह ने केवल उन्हीं को नहीं, बल्कि कई अन्य लोगों को भी अपना निशाना बनाया है। ट्रेडिंग और रियल एस्टेट कंपनियों के नाम पर उसने कई लोगों से करोड़ों रुपये जमा कराए थे। ऑफिस बंद करके फरार होने से यह स्पष्ट है कि यह एक सुनियोजित तरीके से चलाया जा रहा ठगी का रैकेट था, जिसका मुख्य उद्देश्य लोगों की गाढ़ी कमाई हड़पना था।
इस मामले में आशियाना पुलिस ने पीड़ित की शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। इंस्पेक्टर आलोक राव ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अब आरोपी दीपक सिंह की तलाश कर रही है और उसके बैंक खातों व अन्य संपर्कों को खंगालने का प्रयास कर रही है ताकि धोखाधड़ी की गई रकम की रिकवरी की जा सके।
साइबर और निवेश धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों के बीच पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी अनजान कंपनी या व्यक्ति को बिना उचित सत्यापन के निवेश न करें। विशेष रूप से उन कंपनियों से सावधान रहने की जरूरत है जो रातों-रात पैसा दोगुना करने या असामान्य रिटर्न देने का दावा करती हैं। फिलहाल, पुलिस की टीमें आरोपी की लोकेशन ट्रेस करने में जुटी हैं।

Editor In Chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!