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मध्य प्रदेश में 1200 करोड़ के चावल घोटाले पर खड़गे का हमला, भाजपा सरकार को घेरा

खड़गे ने कहा कि मध्यप्रदेश आज भाजपा सरकार के भ्रष्टाचार और लूट का केंद्र और भ्रष्टाचार का पर्याय बन चुका है। उन्होंने करीब ₹1200 करोड़ के चावल घोटाले का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि कुपोषित बच्चों, गर्भवती महिलाओं और किशोरियों के पोषण के लिए इस्तेमाल होने वाले चावल को मुनाफे के खेल में घुमाया गया।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

11 जुलाई 20262 मिनट पढ़ें 1.3K
मध्य प्रदेश में 1200 करोड़ के चावल घोटाले पर खड़गे का हमला, भाजपा सरकार को घेरा
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मध्य प्रदेश में एथेनॉल के नाम पर बड़े घोटाले का आरोप

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मध्य प्रदेश में एथेनॉल उत्पादन की आड़ में हुए कथित 1200 करोड़ रुपये के चावल घोटाले को लेकर राज्य की भाजपा सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। खड़गे ने सोशल मीडिया के माध्यम से आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार और लूट का केंद्र बन चुकी है, जहां एक के बाद एक घोटाले सामने आ रहे हैं।

आरोप के अनुसार, कुपोषित बच्चों, गर्भवती महिलाओं और किशोरियों के पोषण के लिए आवंटित फोर्टिफाइड चावल को एथेनॉल बनाने के नाम पर डायवर्ट किया गया। खड़गे ने दावा किया कि इस अनाज का उपयोग जनहित के बजाय मुनाफे के खेल में किया गया, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ है।

क्या है 1200 करोड़ के चावल घोटाले का पूरा मामला

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, राज्य में करीब 5 लाख मीट्रिक टन यानी 50 लाख क्विंटल सरकारी चावल एथेनॉल प्लांट के लिए आवंटित किया गया था। जांच में यह संकेत मिले हैं कि इस चावल का एक बड़ा हिस्सा एथेनॉल उत्पादन में इस्तेमाल होने के बजाय वापस सरकारी गोदामों और बाजार में पहुंच गया। इस पूरे खेल की अनुमानित कीमत लगभग 1160 से 1200 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

बताया जा रहा है कि सरकार ने जिस चावल को एथेनॉल प्लांट के लिए करीब 2320 रुपये प्रति क्विंटल की रियायती दर पर दिया था, उसकी बाजार कीमत 4000 रुपये प्रति क्विंटल तक थी। इस अंतर का लाभ उठाकर राइस मिलरों और कथित माफियाओं ने सरकारी तंत्र की मिलीभगत से बड़ा आर्थिक लाभ कमाया है।

जमीन विवाद और व्यापम का भी जिक्र

कांग्रेस अध्यक्ष ने चावल घोटाले के साथ-साथ उज्जैन में जमीनों से जुड़े विवादों का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन क्षेत्रों में सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट या हाईवे कॉरिडोर प्रस्तावित थे, वहां जमीनें खरीदने का खेल हुआ है। उन्होंने इस मामले में मुख्यमंत्री की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए हैं।

खड़गे ने व्यापम घोटाले और हालिया पेपर लीक मामलों का हवाला देते हुए कहा कि मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार की जड़ें बहुत गहरी हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि वे इन मामलों पर मौन साधे हुए हैं और राज्य में जवाबदेही का अभाव है।

जांच और आगे की स्थिति

चावल डायवर्जन के इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। जांच एजेंसियां इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि एथेनॉल प्लांट के लिए भेजा गया रियायती चावल किस तरह से निजी मिलों के माध्यम से वापस सरकारी खरीद चक्र में शामिल किया गया।

फिलहाल, इस मामले में विपक्ष ने सरकार से श्वेत पत्र जारी करने और उच्च स्तरीय न्यायिक जांच की मांग की है। सरकार की ओर से इस मामले में अभी तक कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है, लेकिन चावल घोटाले के खुलासे ने राज्य की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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