करौली: कोटवास गांव में तीन घरों में चोरी के बाद ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, कलेक्ट्रेट पर किया प्रदर्शन
Kotwas village theft protest at district collectorate demanding immediate arrest of accused. सूरौठ थाना क्षेत्र के ग्राम कोटवास में तीन घरों में हुई चोरी की वारदात के खुलासे और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर पीड़ित परिवारों के सदस्यों ने मंगलवार को जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने पुलिस अधीक्षक के नाम एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें घटना का शीघ्र खुलासा करने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की गई।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

राजस्थान के करौली जिले के सूरौठ थाना क्षेत्र में स्थित कोटवास गांव में हाल ही में हुई चोरी की घटनाओं ने ग्रामीणों को आक्रोशित कर दिया है। मंगलवार को पीड़ित परिवारों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस अधीक्षक को एक ज्ञापन सौंपते हुए मांग की है कि चोरी की वारदातों का जल्द से जल्द खुलासा किया जाए और इसमें शामिल अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजा जाए।
15 जुलाई की रात को हुई थी वारदात
ग्रामीणों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह घटना 15 जुलाई 2026 की रात लगभग 2 बजे के आसपास घटित हुई थी। अज्ञात चोरों ने गांव के तीन घरों को अपना निशाना बनाया। इनमें राजो पत्नी राजेश, लक्ष्मी पत्नी दिनेश और सुनीता पत्नी हिम्मत सिंह के घर शामिल हैं। चोरों ने इन घरों में घुसकर कीमती जेवरात, नकदी और अन्य सामान पर हाथ साफ कर दिया और मौके से फरार होने में सफल रहे।
घटना के बाद से ही पीड़ित परिवार सदमे में हैं। उन्होंने बताया कि वे बेहद सामान्य पृष्ठभूमि से आते हैं और मेहनत-मजदूरी करके अपना घर चलाते हैं। इस चोरी से उन्हें न केवल आर्थिक नुकसान हुआ है, बल्कि उनके मन में असुरक्षा की भावना भी पैदा हो गई है। चोरी गए सामान की बरामदगी न होने से ग्रामीणों में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर भी असंतोष देखा जा रहा है।
पुलिस जांच की धीमी गति पर सवाल
इस मामले में सूरौठ थाने में पहले ही प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है और वर्तमान में जगर चौकी के एएसआई हरिराम गुर्जर मामले की जांच कर रहे हैं। हालांकि, घटना के कई दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ कोई ठोस सुराग नहीं लगा है। न तो चोरी हुआ सामान बरामद हो सका है और न ही किसी संदिग्ध की गिरफ्तारी हुई है, जिससे पीड़ित परिवारों का धैर्य जवाब दे गया है।
कलेक्ट्रेट पहुंचे ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पुलिस की सुस्त जांच के कारण अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। ज्ञापन में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यदि जल्द ही इस मामले का खुलासा नहीं किया गया, तो ग्रामीण और अधिक उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। उन्होंने पुलिस प्रशासन से इस मामले को गंभीरता से लेने और विशेष टीम गठित कर जांच में तेजी लाने की अपील की है।
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें
पुलिस अधीक्षक को सौंपे गए ज्ञापन में ग्रामीणों ने तीन प्रमुख मांगें रखी हैं। पहली मांग चोरी की घटनाओं का त्वरित खुलासा करना है। दूसरी मांग चोरी हुए जेवरात और नकदी की बरामदगी सुनिश्चित करना है। तीसरी और सबसे महत्वपूर्ण मांग अपराधियों की तुरंत गिरफ्तारी कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करना है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
फिलहाल, जिला प्रशासन और पुलिस के आला अधिकारियों ने ग्रामीणों को मामले में निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अब देखना यह होगा कि पुलिस इस मामले में कब तक कोई बड़ी सफलता हासिल कर पाती है। ग्रामीणों का कहना है कि वे न्याय मिलने तक अपनी आवाज उठाते रहेंगे और पुलिस की कार्रवाई पर उनकी पैनी नजर बनी रहेगी।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
