कानपुर के फूलबाग में क्रिकेट बॉक्स पर सियासी घमासान: सपा विधायक और बीजेपी एमएलसी आमने-सामने
Kanpur Phoolbagh cricket box controversy, MLA Amitabh Bajpai and MLC Salil Vishnoi political statement. अमिताभ बाजपेई ने कहा डेढ़ साल पहले शहर का पहला बॉक्स क्रिकेट बनवाया था। इस पर एमएलसी ने भी जवाब दिया कि उन्होंने बाक्स क्रिकेट का नहीं उससे किराए की रकम को लेकर सवाल उठाया था और ज्याद पैसे वसूल किए जाने का विरोध किया था।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

कानपुर के फूलबाग मैदान में एक नए क्रिकेट बॉक्स के उद्घाटन के साथ ही शहर की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। आर्य नगर विधानसभा क्षेत्र के फूलबाग में शनिवार शाम को एक और क्रिकेट बॉक्स की शुरुआत की गई, जो पहले से मौजूद क्रिकेट बॉक्स से महज 100 मीटर की दूरी पर स्थित है। इस घटनाक्रम ने सपा विधायक अमिताभ बाजपेई और बीजेपी एमएलसी सलिल विश्नोई के बीच जुबानी जंग को तेज कर दिया है।
सपा विधायक का तंज: 'नकल ही सही, विकास का स्वागत है'
सपा विधायक अमिताभ बाजपेई ने दावा किया कि उन्होंने करीब डेढ़ साल पहले शहर का पहला क्रिकेट बॉक्स बनवाया था। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय बीजेपी एमएलसी सलिल विश्नोई ने इस निर्माण का कड़ा विरोध किया था और केडीए (कानपुर विकास प्राधिकरण) में शिकायतें दर्ज कराई थीं। अब उन्हीं के द्वारा उसी मॉडल पर दूसरा क्रिकेट बॉक्स बनवाए जाने पर विधायक ने तंज कसते हुए कहा कि शायद उन्हें अब विकास की समझ आ गई है और वे उनके पदचिह्नों पर चल रहे हैं।
विधायक ने इस दौरान शिक्षा के क्षेत्र में भी अपनी उपलब्धियों को गिनाया। उन्होंने आरोप लगाया कि आर्य नगर में उनके द्वारा आधुनिकीकरण किए गए प्राथमिक स्कूलों को लेकर भी राजनीति की गई। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा किए गए विकास कार्यों का श्रेय लेने की कोशिश की जा रही है, जबकि धरातल पर स्थिति कुछ और ही है।
बीजेपी एमएलसी का पलटवार: 'निर्माण नहीं, वसूली का किया था विरोध'
सपा विधायक के आरोपों का जवाब देते हुए बीजेपी एमएलसी सलिल विश्नोई ने स्पष्ट किया कि उनका विरोध कभी भी खेल सुविधाओं के निर्माण को लेकर नहीं था। उन्होंने बताया कि उनका मुख्य विरोध उस क्रिकेट बॉक्स के नाम पर की जा रही अवैध वसूली के खिलाफ था। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले बने क्रिकेट बॉक्स से प्रति घंटे 1200 रुपये वसूले जा रहे थे, जो कि केडीए के नियमों के विपरीत था।
एमएलसी ने आगे कहा कि उनकी शिकायत के बाद ही केडीए ने हस्तक्षेप किया और शुल्क को घटाकर 500 रुपये प्रति घंटा तय किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि सार्वजनिक संपत्ति का उपयोग निजी लाभ के लिए नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि फूलबाग में नया क्रिकेट बॉक्स युवाओं और बच्चों को खेल का बेहतर मंच प्रदान करने के उद्देश्य से बनाया गया है, ताकि भविष्य में यहां से राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी निकल सकें।
विकास बनाम राजनीति का मुद्दा
कानपुर के इस इलाके में क्रिकेट बॉक्स को लेकर शुरू हुई यह बहस अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई है। एक ओर जहां सपा विधायक इसे अपनी कार्यशैली की सफलता और विरोधियों द्वारा नकल किए जाने के रूप में देख रहे हैं, वहीं दूसरी ओर बीजेपी एमएलसी इसे जनहित और अनियमितताओं को रोकने की दिशा में उठाया गया कदम बता रहे हैं।
स्थानीय निवासियों और युवाओं के लिए यह क्रिकेट बॉक्स खेल का एक नया जरिया जरूर बना है, लेकिन इसके इर्द-गिर्द हो रही बयानबाजी ने यह साफ कर दिया है कि आने वाले समय में शहर के विकास कार्यों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच खींचतान जारी रहने वाली है। फिलहाल, दोनों पक्षों के दावों के बीच जनता यह देख रही है कि इन सुविधाओं का लाभ आम खिलाड़ियों को किस हद तक मिल पाता है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
