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इंदौर: टंट्या भील चौराहे पर छात्रों का 17 दिनों से अनिश्चितकालीन धरना, एक दिन का अनशन कर जताया विरोध

Indore Tantyabhil Chauraha student protest hunger strike demands update. अपनी मांगों को लेकर पिछले 17 दिनों से स्टूडेंट्स का समूह टंट्याभील चौराहे पर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन कर रहा है। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती उनका ये धरना प्रदर्शन जारी रहेगा।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

17 जुलाई 20263 मिनट पढ़ें 335
इंदौर: टंट्या भील चौराहे पर छात्रों का 17 दिनों से अनिश्चितकालीन धरना, एक दिन का अनशन कर जताया विरोध
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17 दिनों से जारी है छात्रों का संघर्ष

इंदौर के टंट्या भील चौराहे पर छात्रों का समूह अपनी विभिन्न मांगों को लेकर पिछले 17 दिनों से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठा है। छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक उनका यह आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा। इस प्रदर्शन में शहर के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के छात्र बड़ी संख्या में शामिल हो रहे हैं।

आंदोलन के दौरान गुरुवार को एक छात्र ने अपनी मांगों के समर्थन में एक दिन का उपवास रखा। इस दौरान छात्र सतीश कुमार ने न तो अन्न ग्रहण किया और न ही जल पिया। छात्रों का कहना है कि यह प्रतीकात्मक अनशन केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय का ध्यान आकर्षित करने के लिए किया गया है ताकि वे छात्रों की समस्याओं पर गंभीरता से विचार करें।

23 सूत्रीय मांगों को लेकर अड़े छात्र

छात्रों ने कुल 23 सूत्रीय मांगें रखी हैं, जिनमें नीट पेपर लीक मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे जैसी प्रमुख मांगें शामिल हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार और पारदर्शिता सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता है।

इससे पहले 14 जुलाई को छात्रों ने टंट्या भील चौराहे से कलेक्टर कार्यालय तक एक विशाल पैदल मार्च निकाला था। उस दौरान प्रशासन के साथ हुई बातचीत में कुछ मांगों पर सहमति बनी थी, जिसके बाद छात्रों को कुछ आश्वासन मिले थे। हालांकि, शेष मांगों पर कोई ठोस निर्णय न होने के कारण छात्र अभी भी धरने पर डटे हुए हैं।

आंदोलन को मिल रहा व्यापक समर्थन

धरने पर बैठे छात्र अरुण बड़ोले ने बताया कि इस आंदोलन को इंदौर के अन्य छात्रों का भी अच्छा समर्थन मिल रहा है। उन्होंने कहा कि सतीश कुमार का उपवास सरकार को जगाने के लिए एक संदेश है। अरुण ने शहर के अन्य विद्यार्थियों से भी अपील की है कि वे इस आंदोलन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर अपनी आवाज बुलंद करें।

छात्रों का यह प्रदर्शन अब इंदौर में एक बड़े मुद्दे के रूप में उभर रहा है। प्रशासन की ओर से अभी तक कोई नया आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन छात्रों का स्पष्ट कहना है कि वे पीछे हटने वाले नहीं हैं। उनकी मांग है कि सरकार जल्द से जल्द उनकी सभी 23 मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई करे।

आगे की राह और प्रशासन की भूमिका

आने वाले दिनों में छात्रों की रणनीति क्या होगी, यह अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन वे लगातार अपने प्रदर्शन को जारी रखने की बात कह रहे हैं। चौराहे पर चल रहे इस धरने के कारण स्थानीय स्तर पर भी चर्चाएं तेज हैं। शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कई लोग छात्रों की इन मांगों को जायज ठहराते हुए सरकार से जल्द समाधान की उम्मीद जता रहे हैं।

फिलहाल, टंट्या भील चौराहे पर छात्रों का जमावड़ा बना हुआ है। प्रशासन और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच संवाद की कमी आंदोलन को लंबा खींच रही है। अब देखना यह होगा कि सरकार कब तक इन छात्रों की मांगों पर संज्ञान लेती है और क्या कोई नया समझौता निकलकर सामने आता है।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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