इंदौर: जर्जर मकानों पर नगर निगम का चला बुलडोजर, 90 साल पुरानी इमारत को किया ध्वस्त
Indore municipal corporation action against old dangerous houses in Juna Kasera Bakhal. नगर निगम लगातार जर्जर मकानों पर कार्रवाई कर रहा है। इसी कड़ी में आज ये कार्रवाई की गई।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

इंदौर नगर निगम ने शहर में सुरक्षा के मद्देनजर एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए 90 साल पुराने एक जर्जर मकान को जमींदोज कर दिया है। यह कार्रवाई जूना कसेरा बाखल क्षेत्र में की गई, जहां डॉ. प्रमोद साकी का मकान स्थित था। लंबे समय से जर्जर स्थिति में होने के कारण इस इमारत को खतरनाक घोषित किया गया था, जिसके बाद निगम प्रशासन ने इसे गिराने का निर्णय लिया।
सुरक्षा के लिहाज से उठाया गया कदम
मानसून के दौरान जर्जर इमारतों के गिरने और उनसे होने वाली जनहानि को रोकने के लिए नगर निगम ने शहर भर में अभियान चलाया हुआ है। इसी कड़ी में जूना कसेरा बाखल स्थित इस पुराने मकान को चिन्हित किया गया था। अधिकारियों के अनुसार, यह इमारत इतनी कमजोर हो चुकी थी कि किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकती थी। बारिश के मौसम में ऐसी संरचनाएं आम नागरिकों के लिए बड़ा खतरा पैदा करती हैं।
कार्रवाई के दौरान नगर निगम का अमला भारी पोकलेन मशीन के साथ मौके पर पहुंचा। निगम की बिल्डिंग ऑफिसर पल्लवी पाल ने बताया कि आयुक्त के स्पष्ट निर्देशों के बाद जोन क्रमांक 3 के अंतर्गत आने वाले इस जर्जर मकान को हटाने की प्रक्रिया पूरी की गई। पोकलेन मशीन का पंजा लगते ही 90 साल पुरानी यह इमारत देखते ही देखते मलबे में तब्दील हो गई।
एहतियात के तौर पर इलाके की घेराबंदी
ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया। निगम की टीम ने कार्रवाई शुरू करने से पहले आसपास के क्षेत्र में आवाजाही को पूरी तरह बंद कर दिया था। स्थानीय निवासियों को भी सतर्क कर दिया गया था ताकि मलबे के कारण किसी को चोट न पहुंचे। सुरक्षा घेरा बनाकर निगम के कर्मचारियों ने पूरी सावधानी के साथ इस जर्जर ढांचे को गिराने का काम पूरा किया।
इंदौर नगर निगम द्वारा जर्जर मकानों को चिन्हित करने का सिलसिला लगातार जारी है। शहर के विभिन्न इलाकों में अब तक कई ऐसी पुरानी इमारतों को हटाया जा चुका है जो अपनी उम्र पूरी कर चुकी थीं और रहने के लिए असुरक्षित हो गई थीं। निगम प्रशासन का कहना है कि जिन मकानों को खतरनाक घोषित किया गया है, उन पर आगे भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।
निगम का सख्त रुख
नगर निगम के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जर्जर मकानों के मालिकों को पहले ही सूचित किया जाता है, लेकिन जब स्थिति गंभीर हो जाती है, तो निगम को जनहित में स्वयं आगे आकर कार्रवाई करनी पड़ती है। जूना कसेरा बाखल में हुई इस कार्रवाई ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि प्रशासन जर्जर इमारतों को लेकर किसी भी प्रकार का जोखिम लेने के मूड में नहीं है।
फिलहाल, ध्वस्त किए गए मकान के मलबे को हटाने का काम शुरू कर दिया गया है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि यदि उनके आसपास कोई भी इमारत जर्जर स्थिति में है, तो उसकी सूचना तुरंत निगम कार्यालय को दें ताकि समय रहते उसे हटाया जा सके और किसी भी अनहोनी को टाला जा सके।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
