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दरभंगा: आम तोड़ने के विवाद में हत्या करने वाले पिता-पुत्र को उम्रकैद, कोर्ट ने लगाया जुर्माना

दरभंगा सिविल कोर्ट अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रंजन कुमार मिश्रा की कोर्ट ने मो. सलाउद्दीन हत्याकांड में दोषी पाए गए पिता-पुत्र को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने बाजितपुर निवासी असरफ नद्दाफ और उनके पुत्र मो. अकबर नद्दाफ को भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं में दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

21 जुलाई 20262 मिनट पढ़ें
दरभंगा: आम तोड़ने के विवाद में हत्या करने वाले पिता-पुत्र को उम्रकैद, कोर्ट ने लगाया जुर्माना
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आम तोड़ने के विवाद में गई थी जान

दरभंगा जिले के बाजितपुर गांव में हुए मो. सलाउद्दीन हत्याकांड में स्थानीय अदालत ने अपना फैसला सुनाते हुए पिता-पुत्र को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रंजन कुमार मिश्रा की अदालत ने इस मामले में दोनों दोषियों पर 75 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह फैसला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।

घटना की शुरुआत मामूली विवाद से हुई थी। अभियोजन पक्ष के अनुसार, आम तोड़ने को लेकर हुए विवाद ने इतना तूल पकड़ लिया कि 2 जून 2021 को बाजितपुर गांव में मो. सलाउद्दीन की बेरहमी से हत्या कर दी गई। आरोपियों ने रॉड से हमला कर सलाउद्दीन को मौत के घाट उतार दिया था।

पुलिस जांच और कानूनी प्रक्रिया

इस मामले में मृतक के भाई फखरुद्दीन नद्दाफ की शिकायत पर मनीगाछी थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस ने जांच के दौरान गांव के असरफ नद्दाफ और उनके बेटे मो. अकबर नद्दाफ सहित कुल 13 लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने साक्ष्यों को जुटाया और अदालत में चार्जशीट दाखिल की।

न्यायालय में 17 दिसंबर 2021 को अभियुक्तों के खिलाफ आरोप गठन की प्रक्रिया पूरी की गई। अभियोजन पक्ष की ओर से मामले को मजबूती से रखते हुए कुल 6 गवाहों की गवाही कराई गई, जिसमें डॉक्टर की गवाही भी शामिल थी। इस पूरी कानूनी प्रक्रिया में महिला अधिवक्ता रानी सिंह ने भी महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया।

अदालत का फैसला और सजा

दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने और उपलब्ध साक्ष्यों का बारीकी से विश्लेषण करने के बाद, अदालत ने 14 जुलाई को पिता-पुत्र को दोषी करार दिया था। सोमवार को सजा पर सुनवाई करते हुए न्यायाधीश ने उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने स्पष्ट किया कि दोषियों पर लगाया गया जुर्माना उन्हें भरना होगा।

दोषी करार दिए गए असरफ नद्दाफ और मो. अकबर नद्दाफ 6 अप्रैल 2021 से ही मंडल कारा दरभंगा में बंद हैं। अदालत के आदेशानुसार, उनकी सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। इस फैसले के साथ ही तीन साल से चल रहे इस हत्याकांड के मामले में न्याय की प्रक्रिया पूरी हो गई है।

क्षेत्र में कानून-व्यवस्था पर असर

इस घटना ने स्थानीय स्तर पर लोगों को झकझोर कर रख दिया था। एक छोटे से विवाद के कारण हुई हत्या ने यह साबित कर दिया कि मामूली कहासुनी भी कितनी घातक हो सकती है। अदालत के इस सख्त फैसले से क्षेत्र में एक कड़ा संदेश गया है कि कानून हाथ में लेने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

पीड़ित परिवार को इस फैसले से न्याय मिलने की उम्मीद पूरी हुई है। मनीगाछी थाना क्षेत्र में हुई इस घटना के बाद से ही गांव में तनाव का माहौल था, लेकिन अब न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद कानूनी स्थिति स्पष्ट हो गई है। पुलिस और प्रशासन ने भी इस मामले में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की थी।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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