बुलंदशहर: महिला पर ज्वलनशील पदार्थ फेंकने के दोषी को 12 साल की कैद, कोर्ट ने लगाया जुर्माना
बुलंदशहर में कोर्ट ने महिला पर ज्वलनशील पदार्थ फेंककर जानलेवा हमला करने के आरोपी को 12 साल की सजा सुनाई। साथ ही दोषी पर 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

बुलंदशहर कोर्ट का बड़ा फैसला: दोषी को 12 साल की सजा
उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले में एक महिला पर ज्वलनशील पदार्थ फेंकने के मामले में स्थानीय अदालत ने अपना फैसला सुना दिया है। कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 12 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोषी पर 50 हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया गया है।
यह मामला वर्ष 2025 का है, जिसने क्षेत्र में काफी सनसनी फैला दी थी। घटना के बाद से ही पुलिस और प्रशासन इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सक्रिय था। सोमवार को एडीजे-06 संजय कुमार यादव की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों और साक्ष्यों को सुनने के बाद यह महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया।
क्या था पूरा मामला और कब हुई घटना
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना बुलंदशहर के थाना कोतवाली देहात क्षेत्र के गांव दरियापुर की है। पीड़ित महिला मोहम्मद उस्मान की भाभी हैं। आरोपी की पहचान तसनीम उर्फ तसलीम उर्फ अयान के रूप में हुई है, जो हापुड़ जिले के थाना हाफिजपुर क्षेत्र के गांव कुराना का निवासी है। आरोपी ने महिला पर ज्वलनशील पदार्थ फेंककर जानलेवा हमला किया था।
पीड़ित पक्ष की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस ने 17 जनवरी 2025 को आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। इस हमले के बाद महिला को गंभीर चोटें आई थीं, जिसके बाद से ही पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी थी।
ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत हुई प्रभावी पैरवी
बुलंदशहर पुलिस ने इस मामले की विवेचना को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया। पुलिस ने घटना के करीब ढाई महीने बाद, 3 अप्रैल 2025 को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया था। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इसे 'ऑपरेशन कन्विक्शन' के अंतर्गत शामिल किया गया था।
इस ऑपरेशन के तहत पुलिस की मॉनीटरिंग सेल ने मामले की निगरानी की और अदालत में प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की। अभियोजन पक्ष ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों को मजबूती से अदालत के समक्ष रखा, जिससे आरोपी के खिलाफ दोष सिद्ध करने में मदद मिली।
अदालत ने सभी तथ्यों पर विचार करने के बाद तसलीम को दोषी माना। 12 साल की कठोर सजा और जुर्माने का यह फैसला समाज में एक कड़ा संदेश देने वाला माना जा रहा है। जुर्माने की राशि जमा न करने पर दोषी को अतिरिक्त सजा का सामना करना पड़ सकता है।
न्याय प्रक्रिया और भविष्य की स्थिति
इस फैसले के बाद पीड़ित पक्ष ने राहत की सांस ली है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि 'ऑपरेशन कन्विक्शन' के तहत ऐसे मामलों में त्वरित सुनवाई और सजा सुनिश्चित होने से अपराधियों में कानून का डर पैदा होता है। फिलहाल, दोषी को जेल भेज दिया गया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!