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बिहार: जर्जर स्कूल भवन और बच्चों की परेशानी से नाराज ग्रामीणों ने जड़ा ताला, प्रशासन को दिया अल्टीमेटम

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

3 अगस्त 20263 मिनट पढ़ें 956
बिहार: जर्जर स्कूल भवन और बच्चों की परेशानी से नाराज ग्रामीणों ने जड़ा ताला, प्रशासन को दिया अल्टीमेटम
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अंगरा मध्य विद्यालय के जर्जर भवन पर ग्रामीणों का फूटा गुस्सा

बिहार के डोभी प्रखंड स्थित मध्य विद्यालय, अंगरा के जर्जर भवन और लंबे समय से लंबित निर्माण कार्य के विरोध में स्थानीय ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया है। शनिवार सुबह बड़ी संख्या में आक्रोशित ग्रामीण स्कूल परिसर में एकत्रित हुए और विद्यालय के मुख्य द्वार पर ताला जड़कर जोरदार प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि वर्षों से नए भवन की मांग की जा रही है, लेकिन प्रशासन की उदासीनता के कारण बच्चों का भविष्य अंधकार में है।

प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उनका कहना है कि विद्यालय का पुराना भवन पूरी तरह से जर्जर हो चुका है, जिसके कारण वहां पढ़ाई करना असुरक्षित है। इस स्थिति के चलते पिछले काफी समय से विद्यालय का संचालन करीब तीन किलोमीटर दूर स्थित प्राथमिक विद्यालय, गम्हरिया से किया जा रहा है।

तीन किलोमीटर दूर पढ़ाई करने को मजबूर नन्हे छात्र

ग्रामीणों ने बताया कि स्कूल के दूर होने के कारण छोटे बच्चों को रोजाना तीन किलोमीटर की लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। विशेष रूप से बरसात के मौसम में बच्चों के लिए यह सफर और भी कठिन हो जाता है, जिसका सीधा असर उनकी पढ़ाई और उपस्थिति पर पड़ रहा है। अभिभावकों का कहना है कि उन्होंने कई बार जनप्रतिनिधियों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को लिखित आवेदन दिए, लेकिन हर बार उन्हें केवल कोरे आश्वासन ही मिले।

प्रदर्शनकारियों ने विद्यालय की अन्य व्यवस्थाओं पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि स्कूल परिसर में शौचालय की सुविधा होने के बावजूद बच्चों को बाहर शौच के लिए जाने पर मजबूर किया जाता है। इससे न केवल छात्रों को असुविधा होती है, बल्कि उनकी सुरक्षा को लेकर भी अभिभावक चिंतित रहते हैं।

प्रशासन का आश्वासन और एक सप्ताह का अल्टीमेटम

मामले की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा विभाग के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (DPO) गौरव राज मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को शांत कराने का प्रयास किया। डीपीओ ने स्पष्ट किया कि विद्यालय भवन निर्माण के लिए पूर्व में दो बार राशि स्वीकृत की गई थी, लेकिन किन्हीं तकनीकी कारणों से वह राशि वापस लौट गई। उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि अब इस प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर तेज किया जाएगा।

अधिकारियों ने एक सप्ताह के भीतर निर्माण कार्य शुरू कराने का आश्वासन दिया है। हालांकि, ग्रामीणों ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने शिक्षा विभाग को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि सात दिनों के भीतर निर्माण कार्य धरातल पर शुरू नहीं हुआ, तो वे दोबारा स्कूल में ताला जड़ देंगे और सड़क जाम कर उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।

ग्रामीणों का कहना है कि अब उन्हें केवल आश्वासनों की जरूरत नहीं है, बल्कि ठोस कार्रवाई चाहिए। बच्चों के भविष्य से जुड़े इस मुद्दे पर वे किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त करने को तैयार नहीं हैं। फिलहाल, प्रशासन की ओर से दिए गए समय सीमा के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि विद्यालय के नए भवन का निर्माण कार्य शुरू होता है या ग्रामीणों का आंदोलन और तेज होगा।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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