भीलवाड़ा: 301 किलो अफीम डोडा-चूरा तस्करी मामले में दो तस्करों को 20-20 साल की कैद
Bhilwara court sentences two opium smugglers to 20 years rigorous imprisonment and fine. भीलवाड़ा में अवैध अफीम डोडा-चूरा तस्करी के मामले में कोर्ट ने दो आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 20-20 साल के कठोर कारावास और 2-2 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाईं। इस दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 11 गवाह और 138 डॉक्युमेंट्स पेश किए।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में एनडीपीएस कोर्ट ने मादक पदार्थों की तस्करी के एक गंभीर मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने अवैध अफीम डोडा-चूरा की तस्करी करने वाले दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए 20-20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही प्रत्येक दोषी पर 2-2 लाख रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया गया है।
वर्ष 2021 में पुलिस ने की थी बड़ी कार्रवाई
यह मामला 11 फरवरी 2021 का है, जब मांडल थाना पुलिस को एक बड़ी खेप के बारे में गुप्त सूचना मिली थी। तत्कालीन थानाधिकारी राजेंद्र को मुखबिर से जानकारी मिली कि एक पिकअप वाहन के जरिए भारी मात्रा में अवैध अफीम डोडा-चूरा ले जाया जा रहा है। इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मांडल के चौकी चौराहे पर नाकाबंदी कर दी और संदिग्ध वाहनों की जांच शुरू की।
नाकाबंदी के दौरान पुलिस ने एक पिकअप को रुकने का इशारा किया। वाहन चालक की पहचान प्रतापगढ़ जिले के छोटी सादड़ी निवासी रंगलाल पुत्र भैंरुसिंह के रूप में हुई। तलाशी लेने पर पुलिस को पिकअप के भीतर प्लास्टिक के 14 कट्टों में भरा हुआ 301 किलो 435 ग्राम अफीम डोडा-चूरा बरामद हुआ। पुलिस ने मौके पर ही रंगलाल को गिरफ्तार कर लिया और मादक पदार्थ व वाहन को जब्त कर लिया।
जांच में सामने आया मालिक का नाम
गिरफ्तार आरोपी रंगलाल से पूछताछ के बाद पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू की। जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि जिस पिकअप में यह अवैध खेप ले जाई जा रही थी, उसका मालिक कालूराम पुत्र बजेराम है, जो प्रतापगढ़ जिले के धारियाबाद का निवासी है। पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर कालूराम को भी इस तस्करी में शामिल पाया और उसे गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने मामले में विस्तृत जांच पूरी करने के बाद दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत अदालत में चालान पेश किया। इस दौरान अभियोजन पक्ष ने मामले को साबित करने के लिए ठोस सबूत जुटाए।
अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर सुनाया फैसला
एनडीपीएस कोर्ट में चली लंबी सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने कुल 11 गवाहों के बयान दर्ज कराए और 138 महत्वपूर्ण दस्तावेज पेश किए। इन साक्ष्यों और सरकारी वकील की दलीलों के आधार पर अदालत ने रंगलाल और कालूराम को तस्करी का दोषी माना।
न्यायाधीश ने दोनों दोषियों को 20-20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। जुर्माने की राशि जमा न करने पर उन्हें अतिरिक्त सजा भी भुगतनी पड़ सकती है। यह फैसला मादक पदार्थों की तस्करी में लिप्त लोगों के लिए एक कड़ा संदेश माना जा रहा है।
भीलवाड़ा पुलिस की इस कार्रवाई और अदालत के इस निर्णय से क्षेत्र में मादक पदार्थों के तस्करों में हड़कंप मच गया है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि नशीले पदार्थों के खिलाफ उनका अभियान आगे भी जारी रहेगा और तस्करी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
