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बांका में आकाशीय बिजली का कहर: खेत में काम कर रहे 6 लोगों की मौत, 7 घायल

Banka lightning strike accident death update, farmers labourers tragedy in Bihar fields. बांका में रविवार का दिन दर्द और मातम लेकर आया। सबसे हृदयविदारक घटना बांका टाउन थाना क्षेत्र के खावा गांव में हुई, जहां खेत में काम कर रहे पिता और उनके सात वर्षीय पुत्र की मौके पर ही मौत हो गई।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

2 अगस्त 20263 मिनट पढ़ें 1.3K
बांका में आकाशीय बिजली का कहर: खेत में काम कर रहे 6 लोगों की मौत, 7 घायल
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बिहार के बांका जिले में रविवार का दिन भारी तबाही और मातम लेकर आया। दोपहर के समय हुई तेज बारिश और गरज-चमक के बीच जिले के चार अलग-अलग प्रखंडों में आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं सामने आईं। इन हादसों में खेत में काम कर रहे 6 किसानों और मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 7 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। मृतकों में एक पिता और उसका सात वर्षीय बेटा भी शामिल है।

खेत में काम के दौरान पिता-पुत्र की गई जान

सबसे हृदयविदारक घटना बांका टाउन थाना क्षेत्र के खावा गांव में हुई। यहां 35 वर्षीय ब्रह्मदेव यादव अपने खेत में काम कर रहे थे। रविवार होने के कारण स्कूल बंद था, जिसके चलते उनका सात वर्षीय बेटा प्रिंस कुमार भी जिद करके उनके साथ खेत चला गया था। अचानक मौसम बिगड़ने और बिजली गिरने से दोनों बुरी तरह झुलस गए। ग्रामीणों ने उन्हें तत्काल बांका सदर अस्पताल पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

इसी थाना क्षेत्र के गुलाहो गांव में विनोद यादव और लीलावरण गांव में सरिता देवी की भी वज्रपात की चपेट में आने से मौत हो गई। दोनों ही अपने खेतों में धान की रोपनी का काम कर रहे थे। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

अन्य प्रखंडों में भी पसरा मातम

बांका के अलावा अमरपुर और बाराहाट प्रखंडों में भी बिजली गिरने से जान-माल का नुकसान हुआ। अमरपुर के सलेमपुर राय बहियार में मजदूर अजय महतो खेत के पास एक पेड़ के नीचे थे, तभी बिजली गिरने से उनकी मौत हो गई। वहीं, बाराहाट के दफरपुर गांव में किसान साधु तांती खेत में काम करते समय काल के गाल में समा गए। इन दोनों ही मामलों में स्थानीय अस्पतालों में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित किया।

रजौन प्रखंड में वज्रपात की घटनाओं में रीना देवी, कल्पना देवी, रीता देवी और दिनेश प्रताप सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। रजौन सीएचसी के प्रभारी डॉ. बृजेश कुमार ने बताया कि तीन घायलों की स्थिति गंभीर होने के कारण उन्हें बेहतर उपचार के लिए भागलपुर के मायागंज अस्पताल रेफर किया गया है। इसके अतिरिक्त, चांदन प्रखंड के दोमुहान गांव में भी तीन लोग बिजली की चपेट में आकर घायल हुए हैं, जिनका इलाज जारी है।

प्रशासन की सतर्कता और अपील

एक ही दिन में हुई इन घटनाओं ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया है। धान की रोपनी के सीजन में किसान और मजदूर बड़ी संख्या में खेतों में काम कर रहे हैं, जिससे जोखिम बढ़ गया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम, तेज गर्जन और बिजली चमकने के दौरान खुले खेतों में काम न करें। सुरक्षित स्थानों या पक्के मकानों में शरण लेना ही ऐसे समय में जीवन बचाने का एकमात्र उपाय है।

फिलहाल, सभी मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और घायलों का उपचार विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है। स्थानीय पुलिस और प्रशासन की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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