ई-20 पेट्रोल के विरोध में सड़कों पर उतरेंगे अरविंद केजरीवाल, प्रधानमंत्री आवास तक करेंगे मार्च
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ई-20 पेट्रोल के विरोध में जनता के पत्रों के साथ मंगलवार को प्रधानमंत्री आवास तक मार्च करेंगे। उन्होंने कहा कि वह दोपहर 12 बजे 100 लोगों के साथ आप मुख्यालय से पीएम आवास के लिए निकलेंगे।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

ई-20 पेट्रोल के खिलाफ आम आदमी पार्टी का बड़ा प्रदर्शन
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने ई-20 पेट्रोल के अनिवार्य इस्तेमाल के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इस मुद्दे पर केंद्र सरकार की नीतियों का विरोध करते हुए केजरीवाल मंगलवार को प्रधानमंत्री आवास तक मार्च करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया है कि इस विरोध प्रदर्शन के दौरान वे जनता की ओर से हस्ताक्षरित लाखों पत्र प्रधानमंत्री को सौंपने का प्रयास करेंगे।
पार्टी मुख्यालय में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान केजरीवाल ने जानकारी दी कि वे दोपहर 12 बजे 100 समर्थकों के साथ प्रधानमंत्री आवास की ओर रवाना होंगे। उन्होंने बताया कि ई-20 पेट्रोल के विरोध में अब तक 2,33,238 लोगों ने ऑनलाइन याचिका पर हस्ताक्षर किए हैं। केजरीवाल के अनुसार, उन्होंने इस विषय पर चर्चा करने के लिए प्रधानमंत्री से एक महीने पहले समय मांगा था, लेकिन अब तक कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला है।
ईंधन की गुणवत्ता और जनता की चिंताएं
केजरीवाल ने दावा किया कि ई-20 पेट्रोल के कारण आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस ईंधन के इस्तेमाल से वाहनों की माइलेज में गिरावट आई है और इंजन खराब होने की शिकायतें बढ़ रही हैं। उन्होंने केंद्र सरकार पर बिना किसी ठोस तर्क या स्पष्टीकरण के इसे जबरदस्ती थोपने का आरोप लगाया है।
पार्टी संयोजक ने इस पूरे मामले में एक 'हिडन एजेंडा' होने की आशंका जताई है। उन्होंने आरोप लगाया कि अंतरराष्ट्रीय दबाव में आकर सरकार देश के लोगों के हितों से समझौता कर रही है। केजरीवाल ने सवाल उठाया कि क्या यह निर्णय किसी विदेशी दबाव के तहत लिया गया है, जिससे भविष्य में बड़े पैमाने पर इथेनॉल आयात करने का समझौता किया जा सके।
टाउन हॉल और जन आक्रोश
हाल ही में आयोजित एक टाउन हॉल कार्यक्रम का जिक्र करते हुए केजरीवाल ने कहा कि इसे जनता का व्यापक समर्थन मिला है। उन्होंने दावा किया कि कार्यक्रम के दौरान करीब 7 लाख लोग ऑनलाइन जुड़े थे, जो इस बात का प्रमाण है कि आम नागरिक इस नीति से कितने असंतुष्ट हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जो लोग इस मुद्दे पर अपनी आवाज उठा रहे हैं, उन्हें डराया-धमकाया जा रहा है और सोशल मीडिया पर ट्रोल करने के साथ ही कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है।
केजरीवाल ने कहा कि सरकार की ओर से मिल रही धमकियों के बावजूद वे जनता की आवाज उठाने से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने दोहराया कि मंगलवार का मार्च इसी कड़ी का हिस्सा है, ताकि प्रधानमंत्री तक जनता का संदेश सीधे पहुंचाया जा सके। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री इस मुद्दे की गंभीरता को समझेंगे और जनता की चिंताओं पर ध्यान देंगे।
आगे की रणनीति
आम आदमी पार्टी का यह प्रदर्शन दिल्ली की राजनीति में एक नया मोड़ ला सकता है। केजरीवाल ने साफ कर दिया है कि जब तक सरकार ई-20 पेट्रोल से जुड़ी समस्याओं का समाधान नहीं करती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। अब सबकी निगाहें मंगलवार दोपहर के कार्यक्रम पर टिकी हैं कि क्या प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से उनसे मिलने का समय दिया जाता है या नहीं।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद अब राजनीतिक गलियारों में बहस तेज हो गई है। एक तरफ जहां आम आदमी पार्टी इसे जनहित का मुद्दा बता रही है, वहीं केंद्र सरकार की ओर से अभी तक इस पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और अधिक तूल पकड़ सकता है, क्योंकि इसमें सीधे तौर पर आम वाहन चालकों की समस्याओं को जोड़ा गया है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!