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आगरा कैंट स्टेशन मारपीट मामला: वायरल वीडियो पर रेलवे की सफाई, 140 सीसीटीवी फुटेज से खुलेगा सच

Agra Cantt station manager assault case investigation. रेलवे अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर जो वीडियो वायरल हो रहा है वो पूरा सच नहीं है। समिति हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

15 जुलाई 20262 मिनट पढ़ें 536
आगरा कैंट स्टेशन मारपीट मामला: वायरल वीडियो पर रेलवे की सफाई, 140 सीसीटीवी फुटेज से खुलेगा सच
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जांच के घेरे में आरपीएफ और स्टेशन मैनेजर विवाद

आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर डिप्टी स्टेशन मैनेजर नरेंद्र सिंह चाहर और आरपीएफ जवानों के बीच हुए विवाद और मारपीट के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो के बाद रेलवे प्रशासन ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि वायरल वीडियो घटना का केवल एक हिस्सा है और इसे पूरा सच नहीं माना जा सकता है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए एक उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया गया है। यह समिति घटना के हर पहलू की बारीकी से पड़ताल कर रही है। जांच के दायरे में 20 से अधिक वीडियो और करीब 140 सीसीटीवी फुटेज शामिल किए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, इन फुटेज के जरिए घटनाक्रम की मिनट-दर-मिनट समीक्षा की जा रही है ताकि सच्चाई सामने आ सके।

सीसीटीवी फुटेज से होगी घटना की पुष्टि

जांच का मुख्य केंद्र यह है कि यात्री ट्रेन से किस परिस्थिति में उतरे थे। क्या वे वास्तव में पेठा खरीदने के लिए नीचे उतरे थे या इसके पीछे कोई अन्य कारण था? इसके अलावा, ट्रेन को रोकने की प्रक्रिया और आरपीएफ जवानों द्वारा यात्रियों से की गई पूछताछ, चालान की रसीद और पैसों के लेनदेन जैसे सभी बिंदुओं पर गहन जांच की जा रही है।

अधिकारियों ने बताया कि स्टेशन मास्टर और आरपीएफ जवानों के बीच हुई बातचीत के साथ-साथ, जब जवानों ने यात्रियों को हिरासत में लेकर थाने ले जाने का प्रयास किया, उस दौरान क्या हुआ, इन सभी पहलुओं को सीसीटीवी कैमरों की मदद से परखा जा रहा है। रेलवे का दावा है कि सीसीटीवी फुटेज में ही इस विवाद का पूरा सच छिपा है।

भड़काऊ बयानों पर भी होगी कार्रवाई

रेलवे अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ट्रैक पर कूदना एक गंभीर कानूनी अपराध है। जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि कुछ लोगों द्वारा महिलाओं को ट्रैक पर कूदने के लिए उकसाया गया था। रेलवे के पास ऐसे लोगों की पहचान और उनके भड़काऊ बयानों की रिकॉर्डिंग मौजूद है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि ट्रेन रोकने की कोशिश करने वालों और लोगों को भड़काने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

जनता से अपील करते हुए रेलवे ने कहा है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो के कुछ हिस्सों को देखकर किसी भी निष्कर्ष पर न पहुंचें और न ही भावुक हों। जांच प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ मीडिया और रेलवे अधिकारियों की मौजूदगी में की जा रही है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और जांच पूरी होने के बाद ही अंतिम रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएगी।

आगे की राह

वर्तमान में जांच समिति सभी पक्षों के बयानों को दर्ज कर रही है। जब तक जांच रिपोर्ट पूरी नहीं हो जाती, तब तक रेलवे प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की जाएगी। इस मामले ने रेलवे सुरक्षा और यात्रियों के साथ व्यवहार को लेकर एक बड़ी बहस छेड़ दी है, जिस पर अब सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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