पाली में सो रही दो साल की मासूम पर कुत्ते का हमला, सिर दबोचकर घसीटने लगा
पाली में सो रही दो साल की मासूम पर कुत्ते का हमला, राजस्थान के पाली जिले से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां घर में सो रही दो साल की मासूम बच्ची पर एक आवारा कुत्ते ने अचानक हमला कर दिया। कुत्ते ने बच्ची के सिर को अपने जबड़े में दबोच लिया और पलंग से नीचे गिराकर घसीटते हुए घर के बाहर ले जाने लगा। बच्ची की दर्दनाक चीख सुनकर मां दौड़ी और बहादुरी दिखाते हुए लाठी से कुत्ते पर हमला कर किसी तरह बेटी की जान बचाई। गंभीर रूप से घायल बच्ची का अस्पताल में इलाज जारी है। घटना नाना थाना क्षेत्र के शेरावाला गांव में 7 मई की रात करीब 10 बजे हुई।
जानकारी के अनुसार, शेरावाला गांव निवासी चकूबाई की दो साल की बेटी संगीता रात में घर के चौक में रखे पलंग पर सो रही थी। उसके दो भाई भी थोड़ी दूरी पर दूसरे पलंग पर सो रहे थे। वहीं, बच्ची की मां घर के अंदर घरेलू कामकाज में व्यस्त थीं। बच्ची के पिता सवाराम गरासिया किसी काम से बाहर गए हुए थे और अभी तक घर नहीं लौटे थे।
इसी दौरान घर का मुख्य गेट खुला होने का फायदा उठाकर एक आवारा कुत्ता अंदर घुस आया। कुत्ते ने पहले सो रही मासूम को निशाना बनाया और अचानक उसके सिर को अपने जबड़े में जकड़ लिया। हमला इतना अचानक था कि बच्ची संभल भी नहीं पाई। कुत्ते ने बच्ची को पलंग से नीचे गिरा दिया और उसे घसीटते हुए बाहर ले जाने लगा।
मां चकूबाई ने बताया कि वह घर के दूसरे कमरे में काम कर रही थीं, तभी बेटी के जोर-जोर से रोने और चीखने की आवाज सुनाई दी। पहले तो उन्हें समझ नहीं आया कि क्या हुआ, लेकिन जब दौड़कर मौके पर पहुंचीं तो देखा कि एक कुत्ता उनकी बेटी को जबड़े में दबोचकर घसीट रहा है। यह दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए।
चकूबाई ने पहले बच्ची को छुड़ाने की कोशिश की, लेकिन कुत्ता उसे छोड़ने को तैयार नहीं था। ऐसे में उन्होंने हिम्मत जुटाई और पास में पड़ी लकड़ी उठाकर कुत्ते के सिर पर लगातार कई वार किए। कई वार लगने के बाद कुत्ता बच्ची को छोड़कर भाग गया। इसके बाद परिवार में अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए।
घटना के तुरंत बाद परिजन घायल बच्ची को नाना कस्बे के सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे पाली के बांगड़ अस्पताल रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों के अनुसार, बच्ची के सिर पर गहरे घाव आए हैं और करीब 12 टांके लगाने पड़े हैं। शुरुआती समय में उसकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई थी।
पाली के बांगड़ अस्पताल के अधीक्षक डॉक्टर कैलाश परिहार ने बताया कि बच्ची को गंभीर अवस्था में अस्पताल लाया गया था। उसके सिर पर कई जगह गहरे जख्म थे और काफी खून बह चुका था। पिछले तीन दिनों से डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है। फिलहाल बच्ची की हालत में सुधार है और अब वह खतरे से बाहर बताई जा रही है।
इस घटना के बाद गांव में डर और चिंता का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने प्रशासन से आवारा कुत्तों पर नियंत्रण और उचित कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाएं दोबारा न हों।
