ग्वालियर अस्पताल में 14 लिफ्ट बंद, मरीज सीढ़ियों से चढ़ने को मजबूर
ग्वालियर अस्पताल में 14 लिफ्ट बंद, जयारोग्य अस्पताल समूह के हजार बिस्तरों वाले सात मंजिला अस्पताल में बुनियादी सुविधाओं की हालत चिंताजनक बनी हुई है। यहां लगी करीब 18 लिफ्टों में से 14 पूरी तरह से खराब पड़ी हैं, जबकि केवल एक-दो लिफ्ट ही किसी तरह चालू हालत में हैं।
इस बदहाल व्यवस्था का सीधा असर हर दिन अस्पताल आने वाले 1 से 2 हजार मरीजों और उनके परिजनों पर पड़ रहा है। इसके अलावा, अस्पताल में भर्ती करीब 5 हजार मरीज और उनके अटेंडर भी लिफ्ट न होने के कारण सीढ़ियों का सहारा लेने को मजबूर हैं। बुजुर्गों, गंभीर रूप से बीमार मरीजों और महिलाओं के लिए यह स्थिति बेहद कठिन और जोखिम भरी साबित हो रही है।
हैरानी की बात यह है कि जो कुछ लिफ्ट चालू हैं, उनका इस्तेमाल आम मरीजों के लिए नहीं, बल्कि केवल डॉक्टरों और स्टाफ के लिए सीमित कर दिया गया है। यदि कोई मरीज या अटेंडर इन लिफ्टों का उपयोग करने की कोशिश करता है, तो वहां तैनात सुरक्षा गार्ड उन्हें रोक देते हैं।
अस्पताल में रविवार को छोड़कर रोजाना ओपीडी लगती है, जहां हजारों मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। इतनी भारी भीड़ के बावजूद लिफ्ट जैसी जरूरी सुविधा की अनदेखी प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
जानकारी के अनुसार, अस्पताल की लिफ्टों का मेंटेनेंस निजी कंपनियों के जिम्मे है। लेकिन संबंधित कंपनी का टेंडर समाप्त हो जाने के कारण लंबे समय से लिफ्टों की नियमित देखरेख नहीं हो पाई है, जिससे अधिकांश लिफ्टें बंद पड़ी हैं। ए, बी और सी ब्लॉक में लिफ्ट होने के बावजूद हर ब्लॉक में सिर्फ एक-दो ही काम कर रही हैं।
अस्पताल से जुड़े कर्मचारी बालेंदु के मुताबिक, “जिस कंपनी के पास मेंटेनेंस का जिम्मा था, उसका टेंडर खत्म हो गया है। अब नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया की जाएगी, जिसके बाद लिफ्टों की मरम्मत और संचालन शुरू हो सकेगा।”
