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सुपौल: भीषण गर्मी और उमस का कहर, स्कूल में बेहोश हुए 4 बच्चे; एक छात्रा ऑक्सीजन सपोर्ट पर

Supaul heatwave impact: Four school children fall ill. तेज गर्मी और उमस के कारण चार स्कूली बच्चे अचानक बीमार पड़ गए। बच्चों की तबीयत बिगड़ते ही स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

4 जुलाई 20262 मिनट पढ़ें 804
सुपौल: भीषण गर्मी और उमस का कहर, स्कूल में बेहोश हुए 4 बच्चे; एक छात्रा ऑक्सीजन सपोर्ट पर
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बिहार के सुपौल जिले में भीषण गर्मी और उमस का असर अब स्कूली बच्चों पर भी दिखने लगा है। निर्मली स्थित कन्या मध्य विद्यालय में शनिवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब कक्षा के दौरान चार बच्चे अचानक बीमार होकर जमीन पर गिर पड़े। तेज गर्मी के कारण बच्चों के बेहोश होने की इस घटना ने अभिभावकों और स्थानीय प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।

अचानक बिगड़ी तबीयत, मची अफरा-तफरी

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्कूल में पढ़ाई के दौरान अचानक चार बच्चे लड़खड़ाकर गिर गए। घटना के बाद स्कूल परिसर में हड़कंप मच गया। शिक्षकों और स्कूल के अन्य कर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए सभी बच्चों को तुरंत पास के निजी क्लिनिक में भर्ती कराया। बच्चों के अचानक बीमार होने की खबर मिलते ही उनके परिजन भी अस्पताल पहुंच गए, जिससे वहां कुछ देर के लिए तनाव का माहौल रहा।

विद्यालय के प्रधानाध्यापक बद्री नारायण वर्मा ने बताया कि भीषण गर्मी और उमस के कारण बच्चों की तबीयत बिगड़ी थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रभावित हुए चार बच्चों में से तीन की स्थिति प्राथमिक उपचार के बाद सामान्य हो गई थी, जिन्हें बाद में वापस स्कूल भेज दिया गया। हालांकि, एक छात्रा की स्थिति अधिक गंभीर होने के कारण उसे निर्मली के बालाजी नर्सिंग होम में भर्ती कराना पड़ा।

छात्रा की स्थिति स्थिर, डॉक्टर बोले- खतरे से बाहर

बालाजी नर्सिंग होम में भर्ती छात्रा का इलाज डॉक्टरों की देखरेख में चल रहा है। अस्पताल के चिकित्सकों ने जानकारी दी कि छात्रा को एहतियात के तौर पर ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया है। डॉक्टरों के अनुसार, समय पर उपचार मिलने के कारण स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है और छात्रा खतरे से बाहर है। उसकी हालत में लगातार सुधार देखा जा रहा है।

प्रधानाध्यापक ने भी इस बात की पुष्टि की है कि छात्रा की सेहत में सुधार हो रहा है और चिंता करने जैसी कोई बात नहीं है। उन्होंने कहा कि स्कूल प्रशासन बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर पूरी तरह सतर्क है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

गर्मी से बचाव के लिए निर्देश जारी

इस घटना के बाद विद्यालय प्रबंधन ने एहतियाती कदम उठाते हुए सभी छात्रों को विशेष निर्देश दिए हैं। बच्चों को सलाह दी गई है कि वे पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, धूप में निकलने से बचें और गर्मी के दौरान अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें। स्कूल प्रशासन ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे बच्चों को स्कूल भेजते समय उनके खान-पान और हाइड्रेशन का ध्यान रखें।

सुपौल में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बहस छिड़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ते तापमान को देखते हुए स्कूलों को अपने समय सारणी और बच्चों के लिए पानी की उपलब्धता पर विशेष ध्यान देना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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