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जयपुर के एसएमएस अस्पताल में नए कार्डियक सेंटर का आगाज, ओपीडी सेवाओं के साथ ट्रायल शुरू

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

9 जुलाई 20262 मिनट पढ़ें 220
जयपुर के एसएमएस अस्पताल में नए कार्डियक सेंटर का आगाज, ओपीडी सेवाओं के साथ ट्रायल शुरू
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कार्डियक सेंटर में मरीजों को मिली राहत

जयपुर के सवाई मानसिंह (एसएमएस) अस्पताल में लंबे समय से प्रतीक्षित नए कार्डियक सेंटर का संचालन बुधवार से शुरू हो गया है। फिलहाल इस केंद्र में ट्रायल के तौर पर ओपीडी सेवाएं और विभिन्न प्रकार की मेडिकल जांचें शुरू की गई हैं। पहले दिन अस्पताल प्रशासन को मरीजों की अच्छी खासी संख्या देखने को मिली, जहां कुल 482 मरीजों ने ओपीडी में परामर्श लिया।

अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, अभी इमरजेंसी सेवाएं और मरीजों को भर्ती करने की प्रक्रिया पुरानी बिल्डिंग से ही संचालित की जा रही है। नई बिल्डिंग में शिफ्टिंग की प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा ताकि मरीजों को इलाज में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।

अत्याधुनिक सुविधाओं का विस्तार

नई बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर पर ओपीडी शुरू होने से मरीजों और उनके परिजनों को काफी सुविधा हुई है। पहले दिन के आंकड़ों पर गौर करें तो 54 मरीजों की टीएमटी और 150 मरीजों की 2डी इको जांच सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इसके अलावा, ब्लड टेस्ट, एक्स-रे और सोनोग्राफी जैसी आवश्यक जांचें भी अब नई बिल्डिंग के भीतर ही उपलब्ध करा दी गई हैं।

लगभग 80 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह कार्डियक सेंटर पूरी तरह से क्रियाशील होने के बाद दिल के मरीजों के लिए एक 'वन-स्टॉप' समाधान साबित होगा। वर्तमान में मरीजों को पर्ची बनवाने, जांच कराने और भर्ती होने के लिए अलग-अलग इमारतों के चक्कर काटने पड़ते हैं, लेकिन इस सेंटर के पूर्ण रूप से शुरू होने के बाद यह समस्या समाप्त हो जाएगी।

चुनौतियां और भविष्य की योजनाएं

हालांकि नई बिल्डिंग में सुविधाएं शुरू हो गई हैं, लेकिन कुछ तकनीकी चुनौतियां भी सामने आई हैं। मरीजों और उनके परिजनों को मोबाइल नेटवर्क की समस्या का सामना करना पड़ रहा है, जिसके कारण उन्हें फोन कॉल करने के लिए बिल्डिंग से बाहर जाना पड़ता है। इसके अलावा, पार्किंग और रैंप को लेकर भी पूर्व में विवाद की स्थिति बनी थी, जिसे लेकर प्रबंधन को सतर्क रहने की आवश्यकता है।

कार्डियक सेंटर के नोडल अधिकारी डॉ. सुनील शर्मा ने बताया कि वर्तमान में ट्रायल रन चल रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आने वाले कुछ दिनों के भीतर भर्ती वार्ड और इमरजेंसी सेवाओं को भी नई बिल्डिंग में स्थानांतरित कर दिया जाएगा। इससे मरीजों को एक ही छत के नीचे सभी आवश्यक उपचार मिल सकेंगे।

एसएमएस अस्पताल प्रशासन का प्रयास है कि इस सेंटर के माध्यम से हृदय रोगियों को विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। ट्रायल के दौरान मिली फीडबैक के आधार पर शेष कमियों को जल्द ही दूर किया जाएगा ताकि पूरी क्षमता के साथ अस्पताल का यह नया विंग काम कर सके।

आने वाले समय में जब यह कार्डियक सेंटर पूरी तरह से काम करना शुरू कर देगा, तो जयपुर सहित पूरे राजस्थान के हृदय रोगियों के लिए यह एक बड़ी राहत का केंद्र बनेगा। फिलहाल अस्पताल प्रशासन और मेडिकल स्टाफ ट्रायल के दौरान आने वाली छोटी-बड़ी समस्याओं को हल करने में जुटा हुआ है।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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