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बीकानेर नगर निगम की लापरवाही: करोड़ों के 35 नए टिपर कबाड़ में तब्दील, फर्म की मनमानी से बढ़ा संकट

मुश्ताक अहमद खान

मुश्ताक अहमद खान

Editor In Chief

28 सितंबर 20262 मिनट पढ़ें
बीकानेर नगर निगम की लापरवाही: करोड़ों के 35 नए टिपर कबाड़ में तब्दील, फर्म की मनमानी से बढ़ा संकट
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लापरवाही की भेंट चढ़े करोड़ों के संसाधन

बीकानेर नगर निगम और कचरा संग्रहण का कार्य संभालने वाली पुरानी फर्म के बीच उपजा विवाद अब एक बड़े प्रशासनिक संकट में बदल गया है। स्वच्छ भारत मिशन के दावों के बीच निगम द्वारा उपलब्ध कराए गए 60 नए टिपरों में से अधिकांश वाहन या तो गायब हैं या फिर कबाड़ बन चुके हैं। हैरानी की बात यह है कि अनुबंध समाप्त होने के बावजूद फर्म ने इन वाहनों को निगम को वापस नहीं लौटाया है, जिससे सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा है।

निगम के आंकड़ों के अनुसार, फर्म ने अनुबंध के दौरान बमुश्किल 20 से 25 टिपरों का ही उपयोग किया। शेष 30 से 35 टिपर पिछले पांच वर्षों से खुले आसमान के नीचे खड़े रहे। रखरखाव के अभाव में इन वाहनों की स्थिति इतनी दयनीय हो गई है कि उनके टायर और महत्वपूर्ण पुर्जे तक चोरी हो चुके हैं। 15 सितंबर को अनुबंध समाप्त होने के बाद भी फर्म द्वारा वाहनों को सुपुर्द न करना निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

आधुनिक तकनीक और नई व्यवस्था की तैयारी

पुरानी व्यवस्था की विफलता के बाद निगम ने अब नई और आधुनिक तकनीक वाली गाड़ियों को उतारने की तैयारी की है। इन नए टिपरों का डिजाइन पूरी तरह सपाट होगा और इनमें गीले व सूखे कचरे के लिए अलग-अलग रंग के कंपार्टमेंट होंगे। साथ ही, सैनिटरी पैड और बायोमेडिकल कचरे के लिए लाल, तथा बैटरी व प्लास्टिक कचरे के लिए काली डस्टबिन की विशेष व्यवस्था की गई है। निगम का लक्ष्य 2 अक्टूबर तक शहर के सभी वार्डों में कुल 140 नए टिपरों को एक साथ उतारना है।

निगम आयुक्त सिद्धार्थ पलानीचामी ने स्पष्ट किया है कि फर्म को अनुबंध की शर्तों के अनुसार वाहन लौटाने थे, लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि निगम अब रिकवरी के विकल्प पर विचार कर रहा है। फिलहाल, 55 नए टिपर शहर पहुंच चुके हैं और बाकी वाहनों के आने का सिलसिला जारी है। एक साथ 140 टिपरों को सड़क पर उतारने के पीछे की रणनीति यह है कि किसी भी वार्ड में कचरा संग्रहण को लेकर स्थानीय विरोध न हो।

स्थानीय संस्कृति से जुड़ेगा स्वच्छता अभियान

नगर निगम इस बार कचरा संग्रहण गाड़ियों में बजने वाले संदेशों में स्थानीय मारवाड़ी पुट जोड़ने की योजना बना रहा है। पारंपरिक धुनों और स्थानीय भाषा में संदेश प्रसारित कर शहरवासियों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया जाएगा। इससे न केवल लोगों का जुड़ाव बढ़ेगा, बल्कि स्वच्छता अभियान को एक सकारात्मक दिशा भी मिलेगी।

नई व्यवस्था के तहत पूर्व विधानसभा क्षेत्र में 75 और पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में 65 बड़े टिपरों के साथ-साथ 15 छोटी गाड़ियों को तैनात किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, 55 ट्रैक्टरों के माध्यम से भी कचरा संग्रहण का कार्य शुरू कर दिया गया है। निगम प्रशासन का दावा है कि अब शहर की सफाई व्यवस्था को किसी भी हाल में बाधित नहीं होने दिया जाएगा और पुरानी फर्म से हुई चूक की भरपाई के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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