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सहरसा के तीन युवाओं का अनूठा संकल्प: 3600 किलोमीटर दौड़कर पहुंचेंगे केदारनाथ

Saharsa 3 Youths on 3600km Running Yatra to Baba Kedarnath Dham. सहरसा जिले के सुप्रसिद्ध बाबा मटेश्वर धाम से उत्तराखंड स्थित बाबा केदारनाथ धाम के लिए एक अनूठी रनिंग यात्रा की शुरुआत हुई है। सहरसा के दो और सुपौल जिले के एक युवक लगभग 3600 किलोमीटर की यह कठिन यात्रा दौड़कर पूरी करेंगे।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

4 जुलाई 20262 मिनट पढ़ें 497
सहरसा के तीन युवाओं का अनूठा संकल्प: 3600 किलोमीटर दौड़कर पहुंचेंगे केदारनाथ
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बिहार के सहरसा जिले से एक बेहद साहसिक और धार्मिक यात्रा की शुरुआत हुई है। सहरसा और सुपौल जिले के तीन उत्साही युवाओं ने बाबा मटेश्वर धाम से उत्तराखंड स्थित बाबा केदारनाथ धाम तक की लगभग 3600 किलोमीटर की दूरी दौड़कर पूरी करने का संकल्प लिया है। इस अनूठी रनिंग यात्रा का उद्देश्य न केवल अपनी आस्था को सिद्ध करना है, बल्कि युवाओं के बीच सनातन संस्कृति और प्राचीन भारतीय विरासत के प्रति गौरव का भाव जागृत करना भी है।

मंदिर परिसर में गूंजे महादेव के जयकारे

यात्रा के शुभारंभ के अवसर पर बाबा मटेश्वर धाम का पूरा परिसर भक्तिमय हो गया। स्थानीय श्रद्धालुओं और ग्रामीणों ने 'हर-हर महादेव' के उद्घोष के साथ इन धावकों का उत्साहवर्धन किया। यात्रा शुरू करने से पहले तीनों युवाओं ने शिवलिंग की विशेष पूजा-अर्चना की और महादेव से अपनी इस कठिन यात्रा के निर्विघ्न और सुरक्षित संपन्न होने का आशीर्वाद मांगा। इस दौरान मौजूद लोगों ने पुष्पवर्षा कर युवाओं के हौसले को सलाम किया।

इस साहसिक यात्रा में सहरसा के बथनाही इलाके के निवासी कुमार नीतीश और सूरज यादव के साथ सुपौल के कौशलीपट्टी निवासी रूपेश धाकड़ शामिल हैं। इन तीनों युवाओं ने अपनी शारीरिक क्षमता और मानसिक दृढ़ता के बल पर इस लंबी दूरी को तय करने का निर्णय लिया है, जो कि किसी भी सामान्य व्यक्ति के लिए एक बड़ी चुनौती है।

देश के प्रमुख तीर्थस्थलों से होकर गुजरेगी यात्रा

आयोजकों के अनुसार, यह रनिंग यात्रा कई महत्वपूर्ण धार्मिक और ऐतिहासिक पड़ावों से होकर गुजरेगी। अपनी दौड़ के दौरान ये युवा पटना के महावीर मंदिर और पटनदेवी मंदिर, सोनपुर के हरिहरनाथ मंदिर, वाराणसी के काशी विश्वनाथ और संकट मोचन मंदिर, अयोध्या के श्रीराम मंदिर, हरिद्वार, ऋषिकेश, कोटेश्वर महादेव और त्रियुगीनारायण मंदिर जैसे पवित्र स्थलों के दर्शन करेंगे। यात्रा का अंतिम पड़ाव बाबा केदारनाथ धाम होगा, जहां पहुंचने के बाद भगवान शिव का विशेष जलाभिषेक किया जाएगा।

इस यात्रा का मूल मंत्र केवल तीर्थाटन नहीं, बल्कि जनमानस में आध्यात्मिक चेतना का संचार करना है। युवाओं का मानना है कि दौड़ते हुए तीर्थ यात्रा करने से वे न केवल अपनी शारीरिक सीमाओं को परख पाएंगे, बल्कि देश की सांस्कृतिक विविधता को भी करीब से महसूस कर सकेंगे।

धार्मिक आयोजनों की पुरानी परंपरा

सहरसा क्षेत्र में इस तरह की धार्मिक और आध्यात्मिक यात्राओं का आयोजन पहले भी होता रहा है। स्थानीय श्रद्धालुओं के सहयोग से इससे पूर्व भी महाकुंभ, देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम और काशी विश्वनाथ धाम तक के लिए सफल यात्राएं आयोजित की जा चुकी हैं। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए अब केदारनाथ धाम के लिए इस रनिंग यात्रा का संकल्प लिया गया है।

स्थानीय लोगों ने इन तीनों युवाओं के इस साहसिक प्रयास की सराहना करते हुए उनकी सुरक्षित वापसी की कामना की है। यह यात्रा न केवल इन युवाओं के व्यक्तिगत संकल्प को दर्शाती है, बल्कि क्षेत्र के लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बनी है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि ये धावक कितनी कुशलता से अपनी इस लंबी और कठिन यात्रा को पूरा करते हैं।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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