गाजियाबाद में कांवड़ यात्रा का असर: 5 अगस्त से बदलेगा ट्रैफिक रूट, बसों की आवाजाही पर रहेगी रोक
अगस्त की सुबह से रोडवेज, निजी और इलेक्ट्रिक बसों का भी डायवर्जन लागू होगा। वहीं, दूधेश्वरनाथ मंदिर जाने वाले कई रास्तों पर सभी तरह के वाहनों की आवाजाही बंद रहेगी।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

कांवड़ यात्रा के चलते गाजियाबाद में यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव
गाजियाबाद में कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के कड़े इंतजाम किए हैं। आगामी 5 अगस्त की सुबह से शहर में नया ट्रैफिक प्लान लागू किया जाएगा, जिसके तहत कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी। प्रशासन ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे यात्रा के दौरान वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें ताकि जाम की स्थिति से बचा जा सके।
पुलिस के अनुसार, मेरठ, मोदीनगर, मुरादनगर और गाजियाबाद से होकर दिल्ली जाने वाले रास्तों पर भारी दबाव रहने की संभावना है। इसे देखते हुए अगले दो दिनों में सड़कों को वन-वे करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। स्थानीय निवासियों और बाहर से आने वाले यात्रियों को विशेष रूप से दूधेश्वरनाथ मंदिर के आसपास के क्षेत्रों में सतर्क रहने को कहा गया है।
बसों के रूट में बदलाव और भारी वाहनों पर प्रतिबंध
5 अगस्त से रोडवेज, निजी और इलेक्ट्रिक बसों के संचालन में बड़ा बदलाव किया गया है। सीमापुरी बॉर्डर और तुलसी निकेतन की तरफ से आने वाली बसें शहर के भीतर प्रवेश नहीं कर सकेंगी। इन बसों को गाजीपुर मंडी, एनएच-9, डासना इंटरसेक्शन और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे के जरिए डायवर्ट किया जाएगा। इसी तरह, बुलंदशहर से आने वाली बसों को लालकुआं से संचालित किया जाएगा, जबकि आनंद विहार और कौशांबी से आने वाली बसें भी शहर के अंदर नहीं आएंगी।
भारी वाहनों के लिए भी शहर के प्रवेश द्वार बंद कर दिए गए हैं। दिल्ली, बागपत, हापुड़ और बुलंदशहर की ओर से आने वाले भारी वाहनों को एनएच-9, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे और दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे का उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। लोनी बॉर्डर, इंदिरापुरम और खोड़ा जैसे क्षेत्रों में भी भारी वाहनों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक रहेगी।
दूधेश्वरनाथ मंदिर क्षेत्र में विशेष सुरक्षा घेरा
दूधेश्वरनाथ मंदिर के आसपास 5 अगस्त की सुबह से 12 अगस्त की रात तक विशेष ट्रैफिक प्लान प्रभावी रहेगा। इस दौरान चौधरी मोड़, रेलवे रोड कट, दिल्ली जूस कॉर्नर, बजरिया, हापुड़ तिराहा, जरसीपुरा, गौशाला फाटक और कैला भट्ठा की ओर से मंदिर की तरफ जाने वाले सभी दोपहिया और हल्के वाहनों की एंट्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आपातकालीन सेवाओं जैसे एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड के लिए ग्रीन कॉरिडोर की व्यवस्था की गई है। यदि किसी आपात स्थिति में एम्बुलेंस को गुजरना होगा, तो उन्हें वैकल्पिक मार्गों से सुरक्षित निकाला जाएगा ताकि स्वास्थ्य सेवाओं में कोई बाधा न आए।
वीवीआईपी मूवमेंट और यात्रियों के लिए निर्देश
हिंडन एयरपोर्ट पर वीवीआईपी आगमन के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया जाएगा। उनके वाहनों को वजीराबाद रोड और एलिवेटेड रोड के जरिए दिल्ली भेजा जाएगा। वहीं, मेरठ और हापुड़ से आने वाले वीवीआईपी वाहनों के लिए दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे (एनएच-9) का मार्ग निर्धारित किया गया है।
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे निर्धारित डायवर्जन का सख्ती से पालन करें और बिना किसी अत्यंत आवश्यक कार्य के दूधेश्वरनाथ मंदिर क्षेत्र की ओर जाने से बचें। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और शहर में जाम की स्थिति को नियंत्रित करना है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!