पटना में सफाई कर्मियों की हड़ताल का पांचवां दिन: कचरा उठाव के लिए निगम ने की सख्त कार्रवाई
पटना नगर निगम सहित पूरे बिहार के नगर निकाय के कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल का आज पांचवा दिन है। इसका असर शहर की सफाई व्यवस्था पर साफ नजर आ रहा है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

बिहार के नगर निकायों में कार्यरत सफाई कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल का आज पांचवां दिन है। इस आंदोलन का सबसे गंभीर असर राजधानी पटना की सफाई व्यवस्था पर दिखाई दे रहा है। शहर की सड़कों और गलियों में कचरे के ढेर जमा होने से आम लोगों का जीना दूभर हो गया है और चारों ओर फैली बदबू से स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं भी बढ़ गई हैं।
नगर निगम का विशेष सफाई अभियान
शहर की बिगड़ती स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पटना नगर निगम प्रशासन ने मोर्चा संभाल लिया है। निगम ने लगातार तीसरी रात विशेष सफाई अभियान चलाकर कचरे के निस्तारण का प्रयास किया है। रविवार को डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण के लिए 26 वाहनों को तैनात किया गया, ताकि घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से कचरा उठाया जा सके। इन वाहनों के माध्यम से एकत्र किए गए कचरे को सीधे डंपिंग एरिया तक पहुंचाया गया है।
सफाई कार्य को सुचारू रखने के लिए निगम ने मशीनों का भी भरपूर उपयोग किया है। हड़ताल के बावजूद निगम प्रशासन यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहा है कि शहर में कचरे का अंबार न लगे और जनजीवन सामान्य बना रहे। छोटी गाड़ियों को भी कचरा उठाने के काम में लगाया गया है ताकि संकरी गलियों तक पहुंच बनाई जा सके।
अनुपस्थित ड्राइवरों पर गिरी गाज
हड़ताल के बीच काम में लापरवाही बरतने वालों पर प्रशासन सख्त रुख अपना रहा है। डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण के लिए ड्राइवरों की आपूर्ति करने वाली एजेंसी 'मॉर्यन कार्स ऑटो सर्विसेज' ने दो चालकों को तत्काल प्रभाव से नौकरी से निकाल दिया है। इन ड्राइवरों पर आरोप है कि उन्होंने हड़ताल का समर्थन किया और बिना किसी पूर्व सूचना के ड्यूटी से अनुपस्थित रहे।
निगम प्रशासन का कहना है कि जो कर्मचारी काम पर लौटने के इच्छुक हैं, उन्हें सुरक्षा प्रदान की जाएगी, लेकिन जो लोग काम में बाधा उत्पन्न करेंगे या बिना सूचना के गायब रहेंगे, उनके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
हड़ताली कर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज
स्थिति तब और तनावपूर्ण हो गई जब शनिवार देर रात हड़ताली कर्मचारियों और निगम के काम कर रहे कर्मियों के बीच विवाद की खबर सामने आई। पटना नगर निगम के उप नगर आयुक्त रामाशीष शरण तिवारी ने सचिवालय थाने में इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के अनुसार, जब कुछ कर्मचारी निगम के वाहनों की मरम्मत कर रहे थे, तब हड़ताली कर्मियों के एक समूह ने वहां पहुंचकर उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की।
पुलिस ने उप नगर आयुक्त के आवेदन के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। हालांकि, अभी तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि घटना के साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
आगे की चुनौतियां
हड़ताल के पांचवें दिन भी समाधान न निकलने से शहरवासियों में चिंता व्याप्त है। सफाई व्यवस्था चरमराने से बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। प्रशासन और कर्मचारी संघों के बीच बातचीत के रास्ते फिलहाल बंद नजर आ रहे हैं। आने वाले दिनों में यदि हड़ताल जारी रहती है, तो नगर निगम के लिए शहर की स्वच्छता बनाए रखना एक बड़ी चुनौती साबित होगी।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
