मुजफ्फरपुर से पटना तक फैला देह व्यापार का जाल, 2 नाबालिग बच्चियां मुक्त, 7 गिरफ्तार
मुजफ्फरपुर पुलिस ने नाबालिग बच्चियों को बहला-फुसलाकर देह व्यापार में धकेलने वाले अंतरजिला गिरोह का खुलासा किया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 2 नाबालिग बच्चियों को बंधक से मुक्त कराया है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

मेले से अपहरण कर देह व्यापार में धकेला
मुजफ्फरपुर पुलिस ने एक अंतरजिला मानव तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दो नाबालिग बच्चियों को सुरक्षित बरामद किया है। इस मामले में पुलिस ने दो महिलाओं समेत सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह मुजफ्फरपुर के कथैया थाना क्षेत्र से एक नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले गया था और उसे देह व्यापार के दलदल में धकेल दिया था।
एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने बताया कि कथैया थाना क्षेत्र में आयोजित हरदिया मेले से बच्ची के लापता होने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया था। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि बच्ची को पहले मुजफ्फरपुर और फिर पटना ले जाया गया। पुलिस की विशेष टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पटना के रामकृष्ण नगर इलाके में छापेमारी कर बच्ची को मुक्त कराया।
गिरोह का नेटवर्क और गिरफ्तारियां
पटना में हुई छापेमारी के दौरान पुलिस ने बिट्टू कुमार, सुजीत कुमार और मकान मालिक गिरिजा यादव को गिरफ्तार किया। बरामद बच्ची से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने मुजफ्फरपुर में भी कई जगहों पर दबिश दी। इस दौरान शमिता कुमारी, अनीता कुमारी, आशीष कुमार और भूषण झा को हिरासत में लिया गया। गिरफ्तार आरोपी मुजफ्फरपुर, वैशाली और पटना के अलग-अलग इलाकों के रहने वाले हैं।
पूछताछ के दौरान पुलिस को एक और नाबालिग बच्ची के बारे में जानकारी मिली, जिसे गिरोह ने बंधक बना रखा था। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दूसरी बच्ची को भी सकुशल बरामद कर लिया है। एसएसपी ने बताया कि बच्चियों के बयानों से गिरोह के संगठित तरीके से काम करने का खुलासा हुआ है।
सुनियोजित तरीके से काम करता था गिरोह
जांच में सामने आया है कि गिरोह के सदस्यों की भूमिकाएं बंटी हुई थीं। शमिता कुमारी पर बच्ची को बहलाकर गिरोह के संपर्क में लाने का आरोप है, जबकि अन्य सदस्य ग्राहकों को लाने और पैसों के लेनदेन का काम संभालते थे। पुलिस अब इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि बच्चियों को बार-बार अलग-अलग ठिकानों पर क्यों शिफ्ट किया जाता था।
पुलिस का मानना है कि इस गिरोह का नेटवर्क कई जिलों में फैला हो सकता है। बरामद बच्चियों ने लंबे समय तक अलग-अलग स्थानों पर रहने के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की शिकायत की है, जिसके बाद उन्हें उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
आगे की कार्रवाई
एसएसपी ने स्पष्ट किया है कि मामले में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल पुलिस फरार चल रहे अन्य संदिग्धों की तलाश में जुटी है। पुलिस की विशेष टीम गिरोह के पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने का प्रयास कर रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।
इस पूरे मामले में पुलिस की तकनीकी अनुसंधान टीम और स्थानीय थानों की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। पुलिस अब इस बात का भी पता लगा रही है कि क्या इस गिरोह ने अन्य बच्चियों को भी अपना शिकार बनाया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच का दायरा बढ़ाया गया है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!